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राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा : उन्नत खेती और पॉलीहाउस से अंकित ने बनाई अपनी अलग पहचान

खरबूजे और आलू के उत्पादन के साथ नर्सरी से भी बढ़ाई कमाई

19 अक्टूबर 2026, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा :उन्नत खेती और पॉलीहाउस से अंकित ने बनाई अपनी अलग पहचान – छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड परासिया के ग्राम शीलादेही के युवा किसान श्री अंकित पवार ने अपनी मेहनत और नई कृषि तकनीकों के प्रति रुचि से खेती को एक बेहतर व्यवसाय के रूप में विकसित किया है। पहले वे परंपरागत तरीके से खेती करते थे, लेकिन उद्यानिकी विभाग की योजनाओं और मार्गदर्शन से उन्होंने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव किया। आज वे खरबूजे और आलू जैसी फसलों के उत्पादन के साथ पॉलीहाउस में साग-भाजी के पौधों की नर्सरी तैयार कर रहे हैं और वर्ष में 3 से 4 फसलें लेकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।

फसल उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ मिला बेहतर लाभ – श्री अंकित पवार लगभग 4.006 हेक्टेयर भूमि पर खेती करते हैं। शुरुआत में वे खरीफ में स्वीट कॉर्न, रबी में आलू और जायद में खरबूजे की खेती करते थे। उस समय उनकी खेती मुख्य रूप से पारंपरिक तौर-तरीकों पर आधारित थी। वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने उन्नत बीजों, संतुलित उर्वरकों, दवाओं के उचित उपयोग और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाया। इससे फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई और खेती से मिलने वाले लाभ में भी सुधार आया। वर्तमान में श्री पवार खरबूजे का लगभग 25 टन और आलू का करीब 30 टन उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। खेती की लागत निकालने के बाद वे प्रति एकड़ लगभग 40 से 50 हजार रुपये के मान से कुल करीब 4.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।

पॉलीहाउस में नर्सरी तैयार कर बढ़ाए कमाई के अवसर – खेती में नए प्रयोगों को आगे बढ़ाते हुए श्री पवार ने वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी विभाग की पॉलीहाउस योजना का लाभ लिया। इसके तहत लगभग 3,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापित किया गया, जहां वे विभिन्न प्रकार की साग-भाजी के पौधों की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। इससे उन्हें फसल उत्पादन के साथ नर्सरी के माध्यम से भी कमाई का अवसर मिला है।

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खेती से होने वाली आय का उपयोग उन्होंने कृषि कार्यों को आसान बनाने में भी किया है। ट्रैक्टर और रोटावेटर जैसे कृषि उपकरणों की मदद से अब खेत की तैयारी, बुवाई और अन्य कार्य समय पर पूरे हो पाते हैं। इससे वे फसल चक्र को बेहतर ढंग से संचालित कर पा रहे हैं। खेती में आधुनिक साधनों और तकनीकों के उपयोग से उनके कामकाज में सुविधा बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हुई है।

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श्री पवार बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं से उन्हें खेती में नए तरीके अपनाने का अवसर मिला। उनके अनुसार, किसान यदि अपनी जरूरत के अनुसार आधुनिक तकनीक अपनाएं और उपलब्ध योजनाओं का लाभ लें, तो खेती से बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। श्री अंकित पवार का अनुभव बताता है कि खेती में नवाचार, तकनीक और योजनाओं का सही उपयोग किसानों के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोल सकता है।

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