सरकारी योजनाएं (Government Schemes)राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ सरकार का तोहफा: 75 महिला किसानों को मिलीं 2-2 दुधारू गायें, 6 जिलों में शुरू हुई ये खास योजना

16 जुलाई 2025, भोपाल: छत्तीसगढ़ सरकार का तोहफा: 75 महिला किसानों को मिलीं 2-2 दुधारू गायें, 6 जिलों में शुरू हुई ये खास योजना -, छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी समुदाय की महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए दुधारू पशु प्रदाय योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के 6 जिलों – कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जशपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। योजना के पहले चरण में 75 महिला किसानों को साहीवाल नस्ल की दो-दो दुधारू गायें दी गई हैं।

दुग्ध उत्पादन से महिलाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार

यह योजना महिलाओं की आजीविका बढ़ाने, पोषण सुधारने और आर्थिक आत्मनिर्भरता दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की सहायक संस्था NDDB डेयरी सर्विसेस के सहयोग से और छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध महासंघ के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

कांकेर जिले में पहली बार हुआ वितरण

कांकेर जिले के बड़गांव (पखांजूर) में आयोजित कार्यक्रम में 75 महिला किसानों को गायें वितरित की गईं। कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग और विधायक विक्रम उसेंडी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाएगी।

सरकार दे रही अनुदान और आसान कर्ज

योजना के तहत सरकार 50% तक अनुदान दे रही है। 40% राशि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के जरिए रियायती ब्याज दर पर कर्ज के रूप में दी जाएगी। 10% राशि किसानों को खुद देना होगी। कर्ज की वसूली दूध की बिक्री से की जाएगी, जिससे किसानों पर बोझ नहीं पड़ेगा।

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एक साल तक मुफ्त सुविधा और देखभाल

योजना के तहत महिलाओं को एक साल तक कई मुफ्त सुविधाएं मिलेंगी, जैसे—
1. दुधारू गायों का बीमा
2. नियमित पशु स्वास्थ्य देखभाल
3. पौष्टिक आहार, खनिज मिश्रण
4. साइलेज चारा की सुविधा
5. वैज्ञानिक पशुपालन का प्रशिक्षण
6. प्रजनन और टीकाकरण की सुविधा

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महिलाएं बनें आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री का कहना है कि यह योजना आदिवासी महिला किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। दुधारू गायें मिलने से महिलाएं खुद कमाने में सक्षम बनेंगी और परिवार का पोषण भी बेहतर होगा। छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना है।

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