छतरपुर : ई-टोकन के साथ या इसके बिना भी मिलेगा खाद
13 अगस्त 2026, छतरपुर: छतरपुर : ई-टोकन के साथ या इसके बिना भी मिलेगा खाद – कलेक्टर मृणाल मीणा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कक्ष में जिले में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से खाद की उपलब्धता एवं वितरण की जानकारी लेते हुए किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिले में किसानों को खाद का वितरण हाइब्रिड मोड के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत किसान ई-टोकन के माध्यम से भी तथा बिना ई-टोकन के भी खाद प्राप्त कर सकते हैं। बिना ई-टोकन खाद लेने के लिए किसान को आधार कार्ड एवं ऋण पुस्तिका (पट्टा) प्रस्तुत करना होगा। किसानों से खाद लेने के दौरान दोनों दस्तावेज साथ लाने की अपील की गई है।
खरीफ 2026 में अब तक 11,055.85 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण – खरीफ 2026 में जिले में 9 अगस्त 2026 तक कुल 11,055.85 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसमें डीएपी 3,260.40 मीट्रिक टन, यूरिया 3,039.80 मीट्रिक टन, एनपीके 4,389.45 मीट्रिक टन, एसएसपी 352.55 मीट्रिक टन तथा एमओपी 13.65 मीट्रिक टन शामिल है। संस्थावार वितरण में एमपी मार्कफेड से 6,608.06 मीट्रिक टन, अपेक्स बैंक से 2,442.35 मीट्रिक टन, निजी क्षेत्र से 1,916.25 मीट्रिक टन तथा एमपी एग्रो से 89.19 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है।
ई-विकास के सरलीकरण तक हाइब्रिड व्यवस्था – शासन के निर्देशानुसार ई-विकास प्रणाली के सरलीकरण के लिए गठित समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होने तक 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक उर्वरक वितरण हाइब्रिड मोड में किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों एवं उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए।
हाईब्रिड मोड में बिना ई-टोकन उर्वरक वितरण करने वाले विक्रेताओं को किसानों के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर तथा कंपनीवार एवं उर्वरकवार वितरित मात्रा का रिकॉर्ड रखना होगा। यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं एमओपी की मात्रा अलग-अलग दर्ज की जाएगी। विक्रय की गई मात्रा का बाद में संबंधित पोर्टल पर इंद्राज किया जाएगा। यह रिकॉर्ड पैक्स, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र, एमपी एग्रो के विक्रय केंद्र एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा निर्धारित प्रपत्र में संधारित किया जाएगा। कलेक्टर ने खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर लगातार निगरानी रखने तथा किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

