शाजापुर में 40 कीटनाशक आदान विक्रेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए

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30 दिसंबर 2021, इंदौर । शाजापुर में 40 कीटनाशक आदान विक्रेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए – कृषि विज्ञान केन्द्र,शाजापुर में जिले में पंजीकृत 40 कीटनाशक आदान विक्रेताओं के कीटनाशक प्रबंधन में 12 सप्ताह के प्रशिक्षण समापन पर सर्टिफिकेट का वितरण का कार्यक्रम वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डाॅ.जी.आर.अम्बावतिया के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर प्रभारी उपसंचालक कृषि श्री आर सी पुनासिया, वैज्ञानिकडाॅ.एस.एस.धाकड़, डाॅ.गायत्री वर्मा, डाॅ.मुकेश  सिंह, श्री रत्नेश कुमार  विश्वकर्मा ,आदान विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष श्री सुनील नाहर एवं श्री गंगाराम राठौर उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि डाॅ.जी.आर.अम्बावतिया ने इस प्रशिक्षण की महत्ता बताते हुए कहा कि कीटनाशक आदान विक्रेताओं को इस कोर्स के माध्यम से बहुत लाभ होगा, क्योंकि दुकानदार यदि कीट बीमारी और कीटनाशक  दवाओं की जानकारी में निपुण होगा, तो वह किसान की समस्या का उचित समाधान कर सही मात्रा में सही दवाई देगा ,जिससे कृषकों की लागत कम होगी और खेती लाभ का धंधा बन सकेगी। आपने इस कोर्स को भविष्य में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा और चलाये जाने के साथ ही आदान विक्रेताओं को ज्ञान वृद्धि के लिये कृषि विज्ञान केन्द्र से सतत सम्पर्क बनाये रखने को कहा।

सर्टिफिकेट कोर्स के प्रभारी एवं कोर्स कोर्डिनेटर डाॅ.मुकेश सिंह ने बताया कि यह कोर्स  गत 8  सितम्बर से प्रारंभ किया गया था।  40 प्रतिभागियों में  से 32 प्रतिभागी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। 72 वर्षीय प्रतिभागी श्री भारतसिंह नाहर के अलावा श्री नरेश कुमार गोठी, श्री नाथुसिंह अंसल, श्री सुभाषचंद्र भुवंता, श्री माखनसिंह और  श्री राजेश पाटीदार सहित सभी 40 प्रतिभागी उपस्थित थे।उक्त  प्रमाणपत्र को कृषि विभाग में जमा करने के बाद में उनके कीटनाशक लायसेंस आजीवन नवीनीकृत हो जाएंगे। कोर्स के दौरान डाॅ.मुकेश सिंह एवं अन्य वैज्ञानिकों द्वारा खरीफ एवं रबी फसलों की प्रमुख बीमारियों की पहचान उनका निदान, खरपतवार एवं उनका जीवनचक्र,कीटों की विभिन्न प्रजातियों, हानिकारक एवं लाभदायक कीटों की पहचान ,समन्वित कीट प्रबंधन की अवधारणा एवं पेस्टीसाइड वर्गीकरण,जैविक कीट प्रबंधन,कीटनाशक  अधिनियम एवं विनियम, पेस्टीसाइड सूत्रीकरण,कीटनाशक  छिड़काव व पौध संरक्षण यंत्रों का रखरखाव एवं सावधानियां आदि अन्य विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके अलावा आदान विक्रेताओं को प्रायोगिक प्रशिक्षण के अंतर्गत बीज निगम, वेयर हाउस,शाजापुर, भारतीय गेहूं एवं सोयाबीन अनुसंधान केन्द्र, इंदौर, कृषि महाविद्यालय इंदौर की पौध रोग प्रयोगशाला, कीट विज्ञान प्रयोगशाला एवं मौसम विज्ञान प्रयोगशाला  का भ्रमण कराया गया। डाॅ. एस.एस. धाकड़ द्वारा सिंचाई की उन्नत विधियों की जानकारी दी गई । आदान विक्रेता संघ के द्वारा वैज्ञानिकों का शाल एवं श्रीफल द्वारा सम्मान किया गया। अंत में ,आदान विक्रेताओं को स्वच्छता एवं खेती में संतुलित मात्रा में कीटनाशकों  का उपयोग करने की शपथ दिलाई गई और केन्द्र के फसल संग्रहालय का भ्रमण कराया गया।

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