आगजनी की घटनाओं में सावधानी की दरकार

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5 अप्रैल 2022, इंदौर । आगजनी की घटनाओं में सावधानी की दरकाररबी सीजन में इस साल मालवा -निमाड़ में गेहूं-चना की अधिकांश फसल कटने के बाद उपज बाज़ार में आ गई है। कहीं -कहीं  फसल खेत में भी है। गर्मी के कारण इन दिनों खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई है ,अतः सावधानी रखने की ज़रूरत है। मिली जानकारी के अनुसार उज्जैन जिले के इंगोरिया के पास  ग्राम भाटखेड़ी में खेत में गेहूं में आग लगने से दुखी होकर एक किसान ने जलते गेहूं के ढेर में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह सच है कि किसान रात -दिन मेहनत करके फसल पकाते हैं । लेकिन जब यही पकी फसल आग की भेंट चढ़ जाती है, तो किसान बहुत दुखी हो जाते हैं, क्योंकि इस आग में उनके सारे अरमान भी जल जाते हैं। बाज़ार की देनदारी ,बेटी की शादी जैसे  कई अन्य कार्य अधूरे रह जाने से वे चिंतित हो जाते हैं। लेकिन आवेश में आकर ख़ुदकुशी करने जैसा कदम नहीं उठाना चाहिए , क्योंकि जीवन की कीमत फसल के मूल्य से ज्यादा होती है। आपदा की इस घड़ी में किसानों को धैर्य रखने की ज़रूरत है। आग से हुए नुकसान की भरपाई तो अगले साल की जा सकती है , लेकिन जीवन की भरपाई कभी नहीं हो सकती है।

अतः सभी किसान भाइयों से अनुरोध है कि आग लगने की घटनाओं से बचने के लिए कुछ सावधानियां रखें । आगजनी की कई  घटनाएं  बिजली के फाल्ट से होती है ,अतः जहाँ तक संभव हो बिजली के तारों के नीचे अथवा डीपी के आसपास की फसल की कटाई पहले कर लें ,ताकि फाल्ट होने पर आग ज़्यादा न फैले। आग को तुरंत बुझाने के लिए स्प्रे पंप में पानी भरकर रखें। खेत में खड़ी सूखी फसल के दौरान खेत में बीड़ी -सिगरेट न पिएँ। यदि फसल कट गई है तो उपज को खेत से तुरंत हटा दें , क्योंकि खेत में आग लगने पर तेज़ी से फैलती है।

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