राज्य कृषि समाचार (State News)

मंदसौर में स्थापित होंगी जैव उर्वरक उत्पादन इकाइयां: सीईओ श्री जैन

23 अगस्त 2025, मंदसौर: मंदसौर में स्थापित होंगी जैव उर्वरक उत्पादन इकाइयां: सीईओ श्री जैन – कृषि विज्ञान केंद्र मंदसौर में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुकूल जैन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से जिले में जैव उर्वरक उत्पादन इकाइयों की स्थापना तथा जैविक खेती कर रहे किसानों के स्थानीय स्तर पर प्रमाणीकरण को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में मंदसौर जिले के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने भाग लिया तथा जिले में उपयोग होने वाले विभिन्न जैव उर्वरकों के प्रकार एवं उनकी आवश्यकताओं पर चर्चा की। बैठक में 6 एफपीओ ने जैव उर्वरक उत्पादन इकाइयों की स्थापना हेतु सहमति दी, जिसके माध्यम से राइजोबियम, एजेक्टोबैक्टर, पी.एस.बी. एवं ट्राइकोडर्मा का उत्पादन कर कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री जैन ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा एफपीओ को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। वहीं, जिला प्रबंधक नाबार्ड श्री योगेश सैनी ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से इन इकाइयों की स्थापना संबंधी जानकारी दी।

बैठक का दूसरा प्रमुख एजेंडा किसानों के स्थानीय स्तर पर जैविक प्रमाणीकरण से संबंधित था। सीईओ श्री जैन ने कृषि, उद्यानिकी एवं बीज प्रमाणीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले एवं विकासखण्ड स्तर पर समिति गठित कर किसानों के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें, ताकि किसान उचित मूल्य पर अपने उत्पादों की बिक्री कर सकें और जिलेवासियों को जैविक खाद्यान्न, फल एवं सब्जियां आसानी से उपलब्ध हो सकें। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. जी.एस. चुंडावत ने विभिन्न कल्चर एवं उनकी उपयोगिता पर तकनीकी जानकारी प्रदान की। सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी श्री रामेश्वर पाटीदार ने जैविक प्रमाणीकरण हेतु रूपरेखा प्रस्तुत की। उप संचालक कृषि डॉ. रविंद्र मोदी ने किसानों को एकत्रित कर तकनीकी मार्गदर्शन एवं जैविक उत्पादों की विक्रय व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु प्रेरित करने पर जोर दिया।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement