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राज्य कृषि समाचार (State News)

ऑस्ट्रेलिया पहुंचा बिहार का जीआई टैग वाला मिथिला मखाना, पहली बार भेजी गई 18 टन की समुद्री खेप

10 अगस्त 2026, भोपाल: ऑस्ट्रेलिया पहुंचा बिहार का जीआई टैग वाला मिथिला मखाना, पहली बार भेजी गई 18 टन की समुद्री खेप – बिहार के प्रमुख जीआई टैग वाले उत्पाद मिथिला मखाना ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई टैग वाले मिथिला मखाना की वाणिज्यिक समुद्री खेप को ऑस्ट्रेलिया के लिए निर्यात कराने में सुविधा प्रदान की। यह खेप बिहार के बिहटा स्थित बीआईएडीए औद्योगिक क्षेत्र से रवाना की गई।

दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदा गया मखाना

इस खेप में शामिल प्रीमियम गुणवत्ता वाला कच्चा जीआई टैग वाला मिथिला मखाना दरभंगा जिले के किसानों से सीधे प्राप्त किया गया था। इसके बाद इसे बीआईएडीए औद्योगिक क्षेत्र, बिहटा में पैक कर ऑस्ट्रेलिया भेजा गया। इस पहल से बिहार के प्रमुख मखाना उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने के साथ किसानों के लिए निर्यात आधारित बाजार तक पहुंच के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

किसानों को बाजार दर से 18 प्रतिशत अधिक लाभ

इस निर्यात पहल का सीधा फायदा मखाना उत्पादकों को भी मिला। किसानों को प्रचलित बाजार दरों की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ। इससे प्रत्यक्ष बाजार संपर्क और निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखला के जरिए किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

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कृषि मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

निर्यात की इस खेप को बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने रवाना किया। इस अवसर पर बिहार सरकार के उद्यान निदेशक, एपीडा के अधिकारी, निर्यातक के प्रतिनिधि, लॉजिस्टिक्स साझेदार और क्षेत्र के प्रगतिशील मखाना उत्पादक मौजूद रहे।

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कृषि मंत्री ने कहा कि मखाना बिहार की पहचान है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बिहार आधारित निर्यातकों की अधिक भागीदारी से किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं और निर्यातकों को सहयोग देकर मखाना मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।

निर्यात और लॉजिस्टिक्स में स्टार्टअप की भूमिका

इस खेप का निर्यात M/s एनआईएडी ग्रीन द्वारा किया गया, जबकि M/s जित्बन सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड ने लॉजिस्टिक्स सहायता उपलब्ध कराई। यह स्टार्टअप एपीडा के भारती कार्यक्रम के तहत समर्थित है। इस व्यवस्था के जरिए दरभंगा के किसानों से प्राप्त मखाना को पैकिंग के बाद ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचाने में सहायता मिली।

भारत के मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत

मखाना उत्पादन के क्षेत्र में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत है। मखाना क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्त विधेयक, 2025 के तहत जुलाई 2025 से मखाना के लिए अलग एचएस कोड भी प्रभावी किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने अमेरिका, मध्य पूर्व और अफ्रीका सहित 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और मूल्यवर्धित मखाना उत्पादों का निर्यात किया।

वैश्विक बाजार में बढ़ेगी मिथिला मखाना की पहुंच

एपीडा की ओर से मखाना निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण, बाजार विकास, निर्यात सुविधा और विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए मिथिला मखाना की पहली समुद्री वाणिज्यिक खेप को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जीआई टैग वाले मिथिला मखाना की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति मजबूत होने और बिहार के मखाना किसानों के लिए नए निर्यात अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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