गेहूं की श्रेष्ठ किस्में – पूसा अहिल्या, पूसा वाणी

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(दीपक राव)

15 फरवरी 2021, सोनकच्छ। गेहूं की श्रेष्ठ किस्में- पूसा अहिल्या, पूसा वाणी  देवास जिले के सोनकच्छ तहसील के पोलाय जागीर गांव में उन्नतशील कृषक श्री लक्ष्मीनारायण दुबलीया फार्म पर आईएआरआई – क्षेत्रीय गेहंू अनुसंधान केन्द्र इंदौर से एवं कृषि विज्ञान केन्द्र देवास द्वारा गेहंू प्रक्षेत्र दिवस एवं तकनीकी परिचर्चा का आयोजन किया। जिसमे गेहंू की दो नई किस्म पूसा अहिल्या एचआई 1634 एवं पूसा वाणी एचआई 1633 के बारे में इनके अविष्कारक डॉ. साईं प्रसाद ने स्वयं किसानों को जानकारी दी।

साथ ही अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों तथा कृषि विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक अधिकारियों द्वारा किसानों को अधिकतम उत्पादन, रोग नियंत्रण कीट प्रबंधन तथा फसल बुवाई व सिंचाई की श्रेष्ठतम तकनीक की जानकारी दी गई। इस अवसर पर श्री दीप ज्योति किसान प्रोड्यूसर कंपनी लि. की पूरी टीम के साथ एफपीओ के किसानों ने गेहंू की उन्नत किस्म के विषय में जाना। वैज्ञानिक एवं अधिकारियों द्वारा यह बताया कि ये नई किस्में अहिल्या एवं वाणी खाने में एवं उत्पादन दोनों में पुरानी सभी किस्मों से बेहतर है।

उन्नतशील किसान लक्ष्मीनारायण द्वारा बताया गया कि फसल के अच्छे उत्पादन के लिए बीज का चयन, बुवाई व सिंचाई की तकनीक के साथ साथ उर्वरक तथा पोषक प्रबंधन पर निर्भर करता है। जिन किसान साथियों को गेहंू की नई किस्म का बीज चाहिए वे श्री लक्ष्मीनारायण से सम्पर्क कर सकता है। प्रक्षेत्र प्रदर्शन के बाद श्री दीप ज्योति किसान प्रोड्यूसर कंपनी लि. द्वारा किसानों को एक एकड़ जैविक खेती प्रोग्राम के बारे में बताया।

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