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राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में बांस की खेती अब किसानों के लिए फायदे का सौदा

05 फरवरी 2026, भोपाल: बिहार में बांस की खेती अब किसानों के लिए फायदे का सौदा – बिहार में बांस की खेती करने वाले किसानों को फायदा हो रहा है, इसके पीछे कारण वहां की सरकार द्वारा ऐसे किसानों को किसी न किसी रूप से प्रोत्साहित भी करना है

बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रही है. कम लागत, कम पानी और लंबे समय तक कमाई देने वाली बांस की खेती अब किसानों के लिए फायदे का सौदा बनती जा रही है.

सरकार का मानना है कि बांस की खेती से न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि खेती से जुड़ा जोखिम भी कम होगा और गांवों में रोजगार के नए मौके भी बनेंगे. खास बात यह है कि बांस की फसल सूखा हो या ज्यादा बारिश, हर हाल में टिकाऊ साबित होती है.

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बिहार सरकार राष्ट्रीय बांस मिशन योजना  के तहत बांस की खेती पर कुल लागत का 50 फीसदी खर्च खुद उठाएगी. कृषि विभाग के मुताबिक, एक हेक्टेयर में बांस की खेती पर करीब 1.20 लाख रुपये का खर्च आता है, जिसमें से किसानों को 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. इससे खेती शुरू करने का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है.

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कैसे करें आवेदन?

बांस की खेती की सब्सिडी के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. इसके लिए किसान horticulture.bihar.gov.in (Bihar Horticulture Department) वेबसाइट पर जाकर राष्ट्रीय बांस मिशन के लिंक से आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म भरने के बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे. आवेदन की जांच जिले स्तर पर की जाएगी और पात्र पाए जाने पर सब्सिडी की रकम सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी.

27 जिलों में लागू यह योजना

फिलहाल यह योजना बिहार के 27 जिलों में लागू की गई है. इनमें अररिया, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, कटिहार, किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीवान, सुपौल, वैशाली समेत कई जिले शामिल हैं.

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