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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में पशु रोगों की रोकथाम पर शीघ्र तैयार हो कार्ययोजना: श्री कुणाल

पशुपालन वर्ष-2024 में की जायेगी 21वीं पशुधन गणना

9 अप्रैल 2023, जयपुर । राजस्थान में पशु रोगों की रोकथाम पर शीघ्र तैयार हो कार्ययोजना: श्री कुणाल – पशुपालन विभाग के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने कहा कि पशु-पक्षियों में होने वाले रोग प्रकोपों पर नियंत्रण करने व इनकी रोकथाम के लिए विभागीय अधिकारी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। ताकि पशुपालकों को होने वाली हानि से समय रहते बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जीव रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके लिए विभिन्न योजनाएं राज्य स्तर पर संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इनके प्रभावी क्रियान्वयन की वजह से ही आज राज्य पशुपालन के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है।

श्री कुणाल यहॉ पशुधन भवन में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा कर लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विभाग पशुपालकों के हितों के लिए संकल्पित होकर कार्य करे। 

वर्ष 2024 में होगी ऑनलाइन पशुधन उत्पाद गणना

शासन सचिव ने राज्य में पशु गणना एवं पशुधन गणना पर विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर संयुक्त सचिव श्री जितेंद्र कालरा ने कहा किस सर्वप्रथम वर्ष 1919 में पशुधन गणना हुई थी, वहीं  अब तक राज्य में कुल 20 पशुधन गणना हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 21वीं पशुधन गणना की जाएगी।

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उन्नत नस्लीय पशुधन से होगा उन्नत पशुपालन

– श्री कुणाल ने विभाग द्वारा नस्ल सुधार में किये जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकरी पालन एवं कुक्कुट पालन में नस्लीय सुधार को प्राथमिकता दें, जिससे आम पशुपालक लाभान्वित हो सके।

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राज्य में पशुओं में होने वाली बीमारियों का हो शत- प्रतिशत टीकाकरण

उन्होंने पशुओं में होने वाले रोगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि विभाग विभिन्न रोगों की वैक्सीन एवं दवाइयों की उपलब्धतता समय पर सुनिश्चित करें, ताकि राज्य में पशुधन को किसी भी प्रकार की हानि का सामना न करना पड़े। उन्होंने इस मौके पर एफएमडी, ब्रूसेला,पीपीआर एवं लम्पी  जैसे टीकाकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर विभाग के निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़, राज्य पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एन एम सिंह, वित्तीय सलाहकार श्री मनोज सांडिल्य सहित वरिष्ठय अधिकारी मौजूद रहे।

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