राज्य कृषि समाचार (State News)

एआई तकनीक से मिलेगा कृषि को बढ़ावा

01 अगस्त 2025, भोपाल: एआई तकनीक से मिलेगा कृषि को बढ़ावा – श्री ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि सरकार ने फसल उत्पादकता, सततता और किसानों की आजीविका में सुधार लाने तथा किसानों की सहायता करने हेतु कृषि क्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विधियों और आईओटी-सक्षम प्रणालियों को शामिल किया है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

20 हजार किसानों के प्रश्नों का समाधान

‘किसान ई-मित्र’ एक आवाज़ आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट है जिसे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम से संबंधित उनके प्रश्नों के उत्तर देने में सहायता के लिए विकसित किया गया है। यह समाधान 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में सहायता के लिए विकसित हो रहा है। वर्तमान में, यह प्रतिदिन 20,000 से अधिक किसानों के प्रश्नों का समाधान करता है और अब तक 95 लाख से अधिक प्रश्नों के उत्तर दिए जा चुके हैं।

नुकसान से बचाव

जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले उत्पादन के नुकसान से निपटने के लिए, राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली, फसलों में कीटों के संक्रमण का पता लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग का उपयोग करती है, जिससे स्वस्थ फसलों के लिए समय पर हस्तक्षेप संभव हो पाता है। यह उपकरण, जिसका उपयोग वर्तमान में 10,000 से अधिक विस्तार कार्यकर्ता करते हैं, किसानों को कीटों के चित्र लेने की अनुमति देता है जिससे उन्हें कीटों के हमलों को कम करने और फसलों के नुकसान को कम करने में मदद मिलती है। वर्तमान में, यह 61 फसलों और 400 से अधिक कीटों के लिए कार्य करता है।

खेतों का आकलन

उपग्रह आधारित फसल मानचित्रण के लिए खेतों की तस्वीरों का उपयोग करते हुए एआई-आधारित विश्लेषण का उपयोग, बोई गई फसलों की फसल-मौसम मिलान निगरानी में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, कृषि में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है।

Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement