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राज्य कृषि समाचार (State News)

सीहोर में गोदाम सब्सिडी के बदले रिश्वत मांगने पर कृषि मंत्रालय के मार्केटिंग अधिकारी निलंबित

23 सितंबर 2026, सीहोर: सीहोर में गोदाम सब्सिडी के बदले रिश्वत मांगने पर कृषि मंत्रालय के मार्केटिंग अधिकारी निलंबित – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के निरीक्षण दौरे के दौरान मिली रिश्वतखोरी की शिकायत पर सख्त कार्रवाई करते हुए मंत्रालय के मार्केटिंग अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई 21 सितंबर को हुई और किसानों तथा गोदाम संचालकों में इसकी खासी चर्चा है।

शिकायत के मुताबिक अनुराग ने भैरुंदा तहसील के शिवाय गोदाम से सब्सिडी राशि जारी करने के बदले 1 लाख रुपये और रेहटी क्षेत्र के बेहराखेड़ी गांव स्थित श्री कृष्णा गोदाम से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह शिकायत चौहान के सीहोर दौरे के दौरान सीधे उन तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

मंत्रालय ने दिया कड़ा संदेश

कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सीहोर दौरे के दौरान मिली शिकायत के बाद की गई। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “निर्देशों का पालन करते हुए मार्केटिंग अधिकारी अनुराग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।”

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मंत्रालय के इस कदम को किसानों और गोदाम संचालकों से जुड़ी सरकारी प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मामले में आगे विभागीय जांच या कोई और अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या नहीं, लेकिन मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाएगा।

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गोदाम सब्सिडी प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत

देशभर में हजारों निजी और सहकारी गोदाम केंद्र व राज्य सरकारों की भंडारण सब्सिडी योजनाओं से जुड़े हैं, जिनके जरिए किसानों की उपज कटाई के बाद सुरक्षित रखी जाती है। अगर सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया में अधिकारी पैसे मांगते हैं, तो इसका सीधा असर गोदाम संचालकों की लागत पर पड़ता है, जो घूम-फिरकर किसानों तक भी पहुंचता है।

सीहोर की यह घटना दिखाती है कि जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता कितनी जरूरी है। मंत्री के दौरे के दौरान ही शिकायत सामने आना और उसी दिन कार्रवाई होना, यह भी दिखाता है कि फील्ड-स्तर की निगरानी शिकायतों को सुनने और तुरंत असर दिखाने का एक कारगर तरीका बन सकती है।

शिकायतों के निपटारे पर मंत्रालय का व्यापक अभियान भी शुरू होने वाला है

सीहोर की इस कार्रवाई के कुछ ही दिन बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2 से 31 अक्टूबर तक देशभर में “विशेष अभियान 6.0” चलाने जा रहा है, जिसका मकसद सरकारी दफ्तरों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना, लंबित फाइलों और जन-शिकायतों का निपटारा करना तथा आम नागरिकों का अनुभव बेहतर बनाना है। इसमें सीपीग्राम्स, पीएम-किसान, फसल बीमा योजना और कृषि रक्षक जैसे पोर्टलों पर लंबित मामलों को भी निपटाने पर जोर रहेगा।

विभाग के मुताबिक पिछले “विशेष अभियान 5.0” के दौरान 1,133 सफाई स्थलों पर काम किया गया था और 1,77,336 जन-शिकायतों का निपटारा किया गया था, जबकि 31,722 पुरानी फाइलों की समीक्षा कर 10,597 फाइलें हटाई गई थीं। सीहोर जैसी कार्रवाइयां और आने वाला यह अभियान दोनों मिलकर यह संकेत देते हैं कि मंत्रालय जमीनी स्तर की शिकायतों और प्रक्रियागत खामियों पर अब ज्यादा सक्रियता से काम करना चाहता है।

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