राज्य कृषि समाचार (State News)फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन फसल में सफेद मक्खी और वायरस के प्रकोप के लिए कृषि विभाग की सलाह

23 अगस्त 2025, देवास: सोयाबीन फसल में सफेद मक्खी और वायरस के प्रकोप के लिए कृषि विभाग की सलाह – उप संचालक कृषि श्री गोपेश पाठक ने बताया कि सोयाबीन की फसल वर्तमान समय में विकास की अवस्था में है। बदलते मौसम, नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण कई क्षेत्रों में सफेद मक्खी तथा इससे फैलने वाला पीला  मोजेक वायरस का खतरा मंडराने लगा है। कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहते हुए फसलों की नियमित निगरानी करने और बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

नियमित निरीक्षण और शुरुआती नियंत्रण – श्री  पाठक ने बताया कि किसान हर 3-4 दिन में फसलों की निगरानी करें। पत्तों के नीचे सफेद मक्खी की उपस्थिति और पत्तियों पर पीले चकत्तों के लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएँ। शुरुआती प्रकोप पर संक्रमित पत्तियों को तोड़कर खेत से बाहर नष्ट करें। सफेद मक्खी की संख्या कम होने पर प्रति एकड़ 20-25 पीले चिपचिपे कार्ड (येलो स्टिकी ट्रैप) का उपयोग करें।

रासायनिक नियंत्रण– यदि प्रकोप बढ़े तो सोयाबीन अनुसंधान केन्‍द्र द्वारा अनुशंसित दवाओं का छिड़काव करें। एसिटामिप्रिड 25 प्रतिशत + बायफ थ्रिन 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी – 250 ग्राम/हेक्‍टेयर, बायफेन्थ्रिन 32 प्रतिशत + क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 12 प्रतिशत डब्ल्यूजी – 250 ग्राम/हे.,फ्लोनीकेमिड 50 प्रतिशत WG 200  ग्राम / हे.,थायोमिथोक्सम + लैम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 125 मिली/हे, 450 से 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। छिड़काव सुबह या शाम को हल्की हवा के समय करें। किसानों से अपील की है कि किसी भी कीटनाशक का प्रयोग करने से पहले नजदीकी कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। समय पर सावधानियां और उचित उपाय अपनाकर किसान अपनी फसल को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।

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