राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि वैज्ञानिकों ने तोरई की नई वैरायटी विकसित की

04 जनवरी 2026, भोपाल: कृषि वैज्ञानिकों ने तोरई की नई वैरायटी विकसित की – कृषि वैज्ञानिकों ने तोरई की नई वैरायटी विकसित की जनवरी के पश्चात शीतकालीन सब्जियां खत्म होने लगेगी। इसके पश्चात गर्मी की सब्जियों के लिए बुवाई का क्रम शुरू होगा जनवरी-फरवरी में गर्मी के लिए आमतौर पर सब्जियां बोई जाती है।

गर्मी के सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने तोरई की नई वैरायटी विकसित की है। `काशी ज्योति`  के नाम से विकसित की गई यह नई वैरायटी अच्छी पैदावार तो देगी ही साथ में किसानों के लिए फायदेमंद बात यह भी है कि इसका बीज कम दाम पर मिलेगा।

विशेषताएं

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान  वाराणसी द्वारा `काशी ज्योति` तोरई की एक लोकप्रिय और अधिक उपज देने वाली किस्म को विकसित किया गया है। इस किस्म के फल आकर्षक, हल्के हरे रंग के और बेलनाकार होते हैं। यह अच्छी उपज क्षमता वाली किस्म है। जिसका औसत उत्पादन 15-19 टन प्रति हेक्टेयर तक हो सकता है। यह वैरायटी बुवाई के लगभग 60-75 दिनों के बाद तैयार हो जाती है। यह किस्म कुछ रोगों के प्रति सहनशील होती है, जिससे किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल सकता है। गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में ठंडी तासीर वाली सब्जियों का डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में उपज शुरू होने के बाद किसानों की हर दिन कमाई कराने वाली एक ऐसी ही सब्जी है तोरई है, जिसे नकदी फसल भी कहा जाता है। देश के कई हिस्सों में किसान जनवरी फरवरी माह के दौरान तोरई की खूब बुवाई करते हैं। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक बंपर उपज के लिए तोरई की खेती साल में तीन बार (गर्मी, खरीफ, रबी) की जा सकती है, इसके लिए अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी, पर्याप्त धूप और मचान विधि जरूरी है, जिससे बेलों को सहारा मिले, कीटों से बचाव हो और पैदावार बढ़े। जून-जुलाई और दिसंबर-जनवरी में बुवाई से अच्छा मुनाफा मिलता है। किसान इसकी खेती के लिए 3-4 बार गहरी जुताई करें, आखिरी जुताई के साथ 10 टन गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाएं। फिर बेड बनाकर बुवाई करें, बेड से बेड की दूरी 5-7 फीट और ऊंचाई 1-1.5 फीट रखें, ताकि पानी न रुके।

बीज ऑनलाइन भी उपलब्ध

राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन तोरई की काशी ज्योति किस्म के बीज बेच रहा है। इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर सकते हैं। साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं।

इस वैरायटी के 5 ग्राम का बीज का पैकेट फिलहाल 30 फीसदी की छूट के साथ मिल जाएगा। यह बीज आपको मात्र 30 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा। तोरई ऐसी फसल है, जिसकी बुवाई बीज और पौधों दोनों तरह से की जा सकती है। 50-60 दिनों में तोरई फल देना शुरू कर देती है। लेकिन, सबसे जरूरी है तोरई का अच्छी क्वालिटी का बीज मिलना।

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