आगर मालवा का बहुफसली जैविक खेती मॉडल बना मिसाल
19 नवंबर 2025, आगर मालवा: आगर मालवा का बहुफसली जैविक खेती मॉडल बना मिसाल – आगर-मालवा जिले के कृषक शासन की योजनाओं का लाभ पाकर एवं अपने स्वयं के नवाचारों से कम कृषि लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर खेती को लाभ का व्यावसाय साबित कर रहे हैं । इन्हीं में ग्राम दाबड़िया के प्रगतिशील किसान श्री सुंदरलाल शर्मा है, जो अपने बहुफसली जैविक खेती मॉडल तैयार कर जिले के अन्य कृषकों के लिये मिसाल बने है।
कृषक श्री शर्मा ने बताया , कि शासन के उद्यानिकी विभाग की योजनाओं माइक्रो एरिगेशन, प्लास्टिक मल्चिंग, मसाला क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ लेकर बहुफसली जैविक खेती मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल की खासियत है- कम लागत, अधिक उत्पादन और बेहतर बाज़ार मूल्य। जिसके तहत् हरी सब्जी, हल्दी, प्याज, पपीता, गेंदा, मोसंबी, तुवर, मक्का, गेंहू आदि फसले जैविक तरीके से ली जा रही है, जिससे रासायनिक खादों पर होने वाले अत्यधिक खर्च से छुटकारा मिला है और जैविक फसल तैयार कर अत्यधिक बाजार मूल्य मिल रहा है। वे प्रति बीघा प्रति वर्ष लगभग 1 से 1.5 लाख की आमदनी कर रहे है।
श्री शर्मा बताते हैं कि उन्हें उद्यानिकी विभाग के साथ कृषि विभाग एवंकृषि के क्षेत्र में कार्य करने वाली अन्य संस्थाओं जैसे सॉलिडारिडाड आदि का भी पूर्ण सहयोग मिल रहा है। अपने फार्म पर निःशुल्क प्रशिक्षण एवं भ्रमण की सुविधा देते हैं, जिससे अन्य किसान भी कम खर्च में अधिक लाभ प्राप्त कर सके और जैविक खेती को बढ़ावा मिले। श्री शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जैविक हाट बाजार का भी उन्हें लाभ मिल रहा है। जिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विभाग ने उनके फार्म को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चुना है। उद्यानिकी और कृषि विभाग श्री शर्मा के फार्म पर कृषक संगोष्ठी ओर प्रशिक्षण का आयोजन कर जिले के किसानों को बहुफसली खेती पद्धति अपनाने के लिये प्रेरित कर रहे हैं । जिले के कृषकों से अपील है कि वे भी श्री शर्मा के बहुफसली मॉडल को देखकर जैविक एवं बहुफसली खेती अपनाएं और अपनी आमदनी बढ़ाएं।“
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