Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन किसानों को सलाह, 90% फलियां पीली होने पर करें कटाई; थ्रेसर की गति 350-400 RPM रखें  

27 सितंबर 2026, भोपाल: सोयाबीन किसानों को सलाह, 90% फलियां पीली होने पर करें कटाई; थ्रेसर की गति 350-400 RPM रखें- मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए खरीफ 2026 की साप्ताहिक कृषि सलाह जारी की गई है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार कृषि विभाग ने यह सलाह जारी की है। उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य ने बताया कि जिले में सोयाबीन की फसल वर्तमान में पकने एवं दाना भरने की महत्वपूर्ण अवस्था में है। इस स्थिति में उपज के नुकसान को रोकने के लिए समय पर कटाई, सुरक्षित गहाई और कीट प्रकोप की नियमित निगरानी करने की सलाह किसानों को दी गई है।

90% फलियां पीली होने पर ही करें कटाई

आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर द्वारा जारी कृषि सलाह के क्रम में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र पकने वाली किस्मों में लगभग 90 प्रतिशत फलियां पीली पड़ने पर ही कटाई शुरू करनी चाहिए। कटाई में अनावश्यक देरी से फलियों के चटकने और दाने झड़ने का जोखिम रहता है। कटाई के बाद फसल को धूप में अच्छी तरह सुखाकर ही गहाई करने की सलाह दी गई है। बारिश या नमी की संभावना को देखते हुए कटी हुई फसल को तत्काल सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

फलियां छेदक कीट पर रखें नजर

फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से बचाव के लिए भी विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दाना भरने की अवस्था में फलियां छेदक कीट का प्रकोप होने पर दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कीट प्रकोप दिखाई देने पर इंडोक्साकार्ब 15.8 प्रतिशत की 333 मिलीलीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

बीज उत्पादन वाली फसल में इन कीटों की निगरानी

बीज उत्पादन वाली फसल को स्टिंक बग, अलमंड मॉथ और पल्स बीटल से बचाने के लिए नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर प्रोफेनोफॉस 1.0 लीटर प्रति हेक्टेयर का प्रयोग करने को कहा गया है।

बीज की अंकुरण क्षमता बनाए रखने के लिए थ्रेसर की गति पर ध्यान दें

बीज की अंकुरण क्षमता सुरक्षित रखने के लिए गहाई के समय थ्रेसर की गति 350 से 400 आरपीएम रखने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि मुनेश कुमार शाक्य ने सोयाबीन उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे कीटों की सतत निगरानी रखें और कीटनाशकों का प्रयोग केवल अनुशंसित मात्रा में ही करें। फसल में रोग या कीट संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या विकासखंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक तकनीकी सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture