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राज्य कृषि समाचार (State News)

सीएमवी वायरस की रोकथाम के लिए किसानों को दी जा रही सलाह

04 सितम्बर 2024, बुरहानपुर: सीएमवी वायरस की रोकथाम के लिए किसानों को दी जा रही सलाह – गत दिनों जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गजानन महाजन व कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष प्रतिनिधि, भारत सरकार प्लांट प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट इन्दौर के सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. आरविंद यादव, कृषि विज्ञान केन्द्र साडंस के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप सिंह, डॉ. कार्तिकेय सिंह, डॉ. मेघा विभुते, उपसंचालक कृषि श्री एम.एस.देवके, उपसंचालक उद्यान श्री राजू बडवाया द्वारा संयुक्त रूप से जिले के ग्राम शाहपुर, बंभाडा, हतनूर, बहारदपुर, लोनी, बसाड, नसीराबाद आदि ग्रामों का भ्रमण कर केला फसल का अवलोकन किया गया।

देखा गया है कि केला फसल जो कि 100 दिन से कम उम्र अर्थात की जून-जुलाई माह में रोपित केला फसल पर सीएमवी वायरस के लक्षण दिखाई दिये। चूंकि सीएमवी वायरस के लिये अनुकूल मौसम, निम्न तापमान, उच्च आर्द्रता तथा लगातार हल्की बारिश अनुकूल होती हैं। इसलिये वर्तमान परिस्थितियों को देखते  हुए  सभी किसानों को आवश्यक सलाह दी गई कि  खेत के आसपास एवं अंदर साफ-सफाई करें, जून-जुलाई माह में केला का पौध रोपण नही करें। वायरस के वाहक  कीटों की रोकथाम हेतु एलोस्टीकी ट्रेप एवं ब्लूस्टीककी ट्रेप प्रति एकड़ 10-12  लगाएं।  एक क्षेत्र विशेष में सभी किसानों को आपस में मिलकर एक साथ एक ही दिन सामूहिक रूप से स्प्रे करना चाहिये। रोग ग्रसित पौधों को उखाड़कर खेत के बाहर गड्ढा खोदकर दबा  देवें  या जलाकर नष्ट कर दे।

अनुंशसित उर्वरक मात्रा 15 से 20 प्रतिशत उर्वरक अधिक डाले, साथ ही जैविक खाद/गोबर की खाद का भी उपयोग करें। प्रभावित खेत में बीमारी फैलाने वाले कीट नियत्रंण हेतु सीआईबी व आरसी द्वारा अनुसंशित कीटनाशक ऑक्सीडिमेटॉन मिथाईल 25 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें। इमिडाक्लोरोपिड 6 एमएल, एसीफेट 15 ग्राम, स्टीकर 15 एमएल, नीमतेल 50 एमएल 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। छिड़काव साफ मौसम में ही करें।

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