सागर जिले के युवा ने सोशल मीडिया से की मशरूम खेती की शुरुआत
21 जनवरी 2026, सागर: सागर जिले के युवा ने सोशल मीडिया से की मशरूम खेती की शुरुआत – सागर जिले के रहली ब्लाक के वार्ड नंबर 03 के रहने वाले श्री मोनू तिवारी ने अपने साथी सोनू के साथ मिलकर मशरूम की खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का छोटा सा प्रयास किया है। इन युवाओं ने मशरूम उत्पादन को आजीविका का साधन बनाकर न केवल आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी है, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
मोनू तिवारी ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखकर मशरूम की खेती करना सीखा है। उन्होंने अपने छोटे से कमरे में मशरूम की खेती का पहला प्रयोग किया है, और पहली फसल को दमोह, जबलपुर, सागर एवं स्थानीय सब्जी मंडी में बेचने के लिए सैंपल भेजे हैं। “मैंने बिना ट्रेनिंग घर पर रहकर ही सोशल मीडिया पर देखकर मशरूम की खेती करना सीखा है। यह छोटा सा प्रयोग है, लेकिन इससे कम लागत में अच्छी आमदनी कर सकते हैं और परिवार के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठा सकते हैं।”
मोनू ने बताया कि 10 नवंबर से शुरू की गई इस खेती में 30-40 दिनों में फसल तैयार हो जाती है। इसकी फुटकर बिक्री 350 से 400 रुपये प्रति किलो है, जबकि थोक में 150 से 200 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। अब तक 10 किलो मशरूम निकाली गई है, जिसे जबलपुर, दमोह, सागर और स्थानीय मंडी में सैंपलिंग के लिए भेजा गया है। जबलपुर में इसकी क्वालिटी को पास किया गया है। मोनू ने कहा, “इस खेती की देखरेख बहुत कठिन है, खासकर गर्मियों में तापमान को 25 डिग्री पर रखना पड़ता है। लागत लगभग 80 से 90 रुपये प्रति किलो आती है, लेकिन अच्छी आमदनी की उम्मीद है।” इस पहल से आसपास के युवाओं को भी प्रेरणा मिली है, और वे बड़े स्तर पर मशरूम की खेती कर रोजगार देने की योजना बना रहे हैं।
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