पांढुर्ना जिले में नरवाई नहीं जलाने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम किया
13 मार्च 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): पांढुर्ना जिले में नरवाई नहीं जलाने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम किया – मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद लिंगा अंतर्गत ग्राम भांडखापा में किसानों को गेहूं की नरवाई (फसल अवशेष) नहीं जलाने के संबंध में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान सीएमसीएलडीपी परामर्शदाता श्री कैलाश सोनेवार ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया कि नरवाई ( गेहूं फसल के अवशेष) जलाने से मिट्टी की उर्वरता शक्ति कम हो जाती है। नरवाई जलाने से मिट्टी में मौजूद जैविक पदार्थ (ह्यूमस) नष्ट हो जाते हैं तथा मिट्टी के उपयोगी सूक्ष्म जीव जैसे बैक्टीरिया और केंचुए भी जलकर नष्ट हो जाते हैं। इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति घटती है और फसलों की उत्पादकता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, क्योंकि इससे धुआं और जहरीली गैसें जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड वातावरण में फैलती हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसके कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे आंखों में जलन, खांसी तथा श्वास संबंधी बीमारियां बढ़ने का खतरा रहता है, जिसका असर विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक पड़ता है।
श्री सोनेवार ने किसानों को बताया कि नरवाई जलाने से आगजनी जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे आग खेतों, पेड़-पौधों या आसपास के घरों तक भी पहुंच सकती है। इसके अलावा नरवाई जलाने से ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा बढ़ती है, जिससे पर्यावरण एवं जैव विविधता को सीधा नुकसान पहुंचता है और जलवायु परिवर्तन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे खेतों के सूक्ष्म जीव, जीव-जंतु और पक्षियों को भी नुकसान होता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि नरवाई जलाने के बजाय उसे मिट्टी में मिलाने के लिए सुपर सीडर या रोटावेटर जैसे कृषि यंत्रों का उपयोग करें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सचिव श्री भवीचन्द्र विश्वकर्मा, शिक्षक श्री संतोष धुर्वे, शिक्षक श्री सुरेन्द्र नवलकर, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष श्री दीपक चौरिया, सचिव चंचलेश सोलंकी तथा सीएमसीएलडीपी के बीएसडब्ल्यू छात्र श्री किसन कुमार मिनोटे सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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