बुरहानपुर में प्राकृतिक हाट बाजार का हुआ शुभारंभ
26 दिसंबर 2025, बुरहानपुर: बुरहानपुर में प्राकृतिक हाट बाजार का हुआ शुभारंभ – जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा निरन्तर सकारात्मक प्रयास किए जा रहे है। कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है । इसी कड़ी में गुरुवार को खंडवा रोड स्थित महात्मा ज्योतिबाई फूले (शनवारा) सब्जी मंडी में जैविक हाट बाजार का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कृषक श्री दगडु पाटील बसाड, शहद उत्पादक श्री संजय चौकसे, श्री अक्षय जायसवाल, श्री सोपान कापसे, श्रीमती पवार, श्रीमती रत्ना मेढे, श्री संजय भवरे उपस्थित रहे।
प्राकृतिक रूप से उत्पादित गेहूं , दाल, धनिया, मेथी इत्यादि उत्पादों के हाट बाजार का शुभारंभ विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस, जनप्रतिनिधियों ने फीता काटकर किया। इस दौरान प्राकृतिक रूप से खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती चिटनिस ने कहा कि प्राकृतिक रूप से खेती कर रहे किसान अपनी मिट्टी, समाज की सेहत का ध्यान रख रहे है। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों एवं उर्वरकों से रहित फसलों से उत्पादित, अनाज, सब्जी, फल मानव के लिए स्वास्थ्यवर्धक है। मिट्टी अच्छी रहेगी तो इंसान खुशहाल रहेगा।
कृषि उपसंचालक श्री देवके ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक हाट बाजार में चना 8 किलो, मक्का 9 किलो, राई 2 किलो, पपीता 20 किलो, केला 1 केरेट, शहद 10 किलो, घी 2 किलो, गेहूं 50 किलो, धनिया-मेथी 15 किलो, उड़द दाल 6 किलो, हल्दी 4 किलो की शहर के नागरिकों द्वारा खरीदी की गई । इस दौरान अध्यक्ष श्री मनोज माने, श्री किशोर शाह, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कृषकगण तथा कृषि और उद्यानिकी विभाग, मंडी के अधिकारी-कर्मचारीगण मौजूद रहे।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन – प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि इसमें गाय के गोबर एवं गोमूत्र से तैयार जीवामृत, बीजामृत एवं घन जीवामृत व प्राकृतिक तरीके से तैयार खाद का उपयोग किया जाता है। इस खेती से तैयार खाद्य पदार्थ तुलनात्मक रूप से पौष्टिक व सुरक्षित होते है।
प्राकृतिक खेती के उत्पाद खाने के फायदे – प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद शरीर को शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन प्रदान करते हैं, इनमें पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं तथा स्वाद और सुगंध भी बेहतर होती है। ऐसे खाद्य पदार्थ मानसिक स्वास्थ्य एवं प्रतिरक्षा शक्ति को मजबूत करते हैं साथ ही बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं। ये खेती पर्यावरण संरक्षण में मददगार है। प्राकृतिक खेती के उत्पाद विशेष रूप से बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित माने जाते हैं।
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