छतरपुर जिले में नरवाई जलाने पर रोक लगाई
20 मार्च 2026, छतरपुर: छतरपुर जिले में नरवाई जलाने पर रोक लगाई – छतरपुर जिले में नरवाई जलाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। साथ ही अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जन सामान्य के हित, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण की हानि रोकने एवं लोक व्यवस्था बनाये रखने हेतु प्रभारी कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री नमः शिवाय अरजरिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जिले की सीमा में गेहूं एवं अन्य फसलों के डंठलों (नरवाई) में आग लगाये जाने पर प्रतिबंध लगाया है।
जारी आदेशानुसार फसलों की कटाई में उपयोग किये जाने वाले प्रत्येक कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ भूसा तैयार करने हेतु स्ट्रा, रीपर अनिवार्य रूप से रखा जाये या कम्बाईन हार्वेस्टर में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। जिले में चलने वाले कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर, स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम की सतत निगरानी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी द्वारा की जाएगी। साथ ही बिना स्ट्रा रीपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कम्बाईन हार्वेस्टर चलाये जाने पर वैधानिक कार्यवाही करेंगे। पर्यावरण विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रदेश में फसलों विशेषतः धान एवं गेहूं की फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाये जाने हेतु प्रतिबंधित किया गया है।
पर्यावरण क्षति पर लगेगा अर्थदंड – कृषक जिनके पास 02 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें 2500 रु. प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 02 एकड़ से अधिक एवं 05 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें 5000 रु. प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा। कृषक जिनके पास 05 एकड़ से अधिक जमीन है उन्हें 15000 रु. प्रति घटना पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड देय होगा।
नरवाई प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर सुपर सीडर की स्वीकृति के निर्देश – प्रचार-प्रसार एवं प्रदर्शन हेतु संबंधित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। नरवाई प्रबंधन हेतु समुचित मात्रा में प्रत्येक विकासखंड में हैप्पी सीडर सुपरसीडर की स्वीकृति व उपलब्धता सहायक कृषि यंत्री छतरपुर सुनिश्चित करेंगे। उपरोक्त आदेश में उल्लेखित शर्तों का जिले में परिपालन सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला छतरपुर नोडल अधिकारी होंगे।
आदेश में उल्लेखित किसी भी शर्त का उल्लंघन होने की स्थिति निर्मित होने पर संबंधित कृषि विस्तार अधिकारी क्षेत्र के पटवारी के साथ संयुक्त जांच कर प्रतिवेदन संबंधित तहसीलदार को प्रस्तुत करेंगे, तहसीलदार संबंधित अपचारी कृषकों को युक्तियुक्त अवसर प्रदान कर एवं सुनवाई कर 15 दिवस के अंदर शास्ति अधिरोपित से संबंधित समुचित निर्णय लेंगे। एक पक्षीय कार्यवाही से व्यथित कोई भी व्यक्ति भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 163 (5) के अंतर्गत इस आदेश के विरुद्ध अपना पक्ष आपत्ति या आवेदन इस न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। यह आदेश छतरपुर जिले के संपूर्ण सीमा क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से प्रभावशील किया गया है। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा।
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