कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 35,354 करोड़

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मध्य प्रदेश बजट वर्ष – 2021-22

(विशेष प्रतिनिधि)

8 मार्च 2021, भोपाल । कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 35,354 करोड़ – मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने गत दिनों विधानसभा में वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि है। बजट में कृषि सुधारों के जरिये अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के इंतजाम किए गए हैं। सहकारी बैंकों से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। भूमि में रैज्ड-पद्धति का विस्तार, तीन हजार एग्री क्लीनिक एवं एग्री सर्विस केंद्रों की स्थापना, प्रमाणीकृत जैविक खेती के क्षेत्रफल को बढ़ाकर चार लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। रोजगार के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 35,354 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जनजाति आबादी की आय का प्रमुख जरिया महुआ, चिरोंजी जैसे लघु वनोपज हैं। संग्रहण कार्य में सीमित आय होती है। स्थानीय समाज को लघु वनोपज का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए उन्हें प्रसंस्करण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए 13 जिलों में 86 स्थानों पर वन-धन केंद्र का विकास किया जा रहा है। 57 लाख 50 हजार किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत अब तक 1,150 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इस योजना के लिए 3,200 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि एक साल तक प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और न ही लगे टैक्सों की दरों में बढ़ोत्री की जाएगी। श्री देवड़ा ने कहा कि यह पेपरलेस कुल बजट 2,41,375 करोड़ का है इसमें कुल व्यय का अनुमान 2,17,123 करोड़ रुपए का है।

किसानों को मिलेगा 1000 करोड़ का कृषि ऋण
कृषि विभाग
  •  अटल कृषि ज्योति योजना के लिए रु. 4592 करोड़
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना रु. 3200 करोड़
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रु. 2220 करोड़
  • मुख्यमंत्री कृषक फसल खरीदी सहायता योजना रु. 2000 करोड़
  • म.प्र.वि.मं. द्वारा 5 एचपी के कृषि पम्पों/ थ्रेशरों तथा एक बत्ती कनेक्शन को नि:शुल्क विद्युत प्रदाय प्रतिपूर्ति रु. 1096 करोड़
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन रु. 370 करोड़
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना रु. 221 करोड़
  • राष्ट्रीय कृषि विस्तार परियोजना रु. 119 करोड़
सहकारिता विभाग
  • कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए रु. 1000 करोड़
  • उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन रु. 180 करोड़
  • माइक्रो इरिगेशन योजना के लिए रु. 125 करोड़
पशुपालन एवं डेयरी विभाग
  • गहन पशु विकास परियोजना के लिए रु. 684 करोड़
  • गौवंश के लिए 2,300 से अधिक गौशालाएं स्वीकृत
  • मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास 
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए रु. 120 करोड़
  • बंद पड़ी खदानों में होगा मछली पालन
ग्रामीण विकास विभाग
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना रु. 2925 करोड़
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए रु. 2500 करोड़
  • राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना रु. 2000 करोड़
  • मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम रु. 1001 करोड़
  • सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन रु. 850 करोड़
  • मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (बाह्य वित्त पोषित) के लिए रु. 602 करोड़
  • निर्मल भारत अभियान रु. 500 करोड़
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन रु. 455 करोड़
  • मुख्यमंत्री आवास मिशन हेतु रु. 426 करोड़
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटरशेड विकास) के लिए रु. 200 करोड़
  • मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना रु. 136 करोड़
राजस्व विभाग
  • राजस्व पुस्तक 6-4 आपदा में आर्थिक सहायता रु. 622 करोड़
  • आपदा प्रबंधन योजनाओं को बनाये जाने रु. 485 करोड़
  • बाढ़ तथा अतिवृष्टि पीडि़तों को राहत रु. 423 करोड़
  • 15वें वित्त आयोग के तहत क्षमता निर्माण रु. 240 करोड़
  • भू-प्रबंधन के लिए रु. 158 करोड़
  • ओला पीडि़तों को राहत रु. 150 करोड़
पंचायत विभाग
  • स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए रु. 2944 करोड़
  • ग्रामीण क्षेत्रों के गौण खनिज से प्राप्त राजस्व का पंचायतों को अंतरण के लिए रु. 597 करोड़
  • स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु एक मुश्त अनुदान (राज्य करों में हिस्सा) रु. 330 करोड़
  • अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली के विरुद्ध अनुदान रु. 200 करोड़
  • ग्राम स्वराज अभियान रु. 170 करोड़
खाद्य नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण विभाग
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली तहत परिवहन कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति रु. 454 करोड़
  • अन्नपूर्णा योजना के लिए रु. 400 करोड़
जल संसाधन विभाग
  • नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य रु. 1996 करोड़
  • बांध तथा संलग्न कार्य के लिए रु. 1885 करोड़
  • लघु एवं लघुत्तम सिंचाई योजनाएं के लिए रु. 231 करोड़
  • लघु सिंचाई योजना रु. 210 करोड़
  • नहरें तथा तालाब रु. 138 करोड़

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प्रदेश के बजट में कोई नया कर प्रस्तावित नहीं है और न ही किसी भी कर को बढ़ाया गया है। बजट में खेती-किसानी को प्राथमिकता दी गई है। केन्द्र का बजट पहले आने से राज्य को अपना बजट व्यवहारिक रूप से बनाने में मदद मिली है।

 

 शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री, म.प्र.

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सरकार का बजट झूठ का पुलिंदा, दिशाहीन, निराशाजनक व आंकड़ों का मायाजाल है। उम्मीद थी कि सरकार पेट्रोल, डीजल की कीमतों में जनता को राहत प्रदान करने के लिए वैट में कमी करेगी।

 

कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री एवं
म.प्र. कांग्रेस अध्यक्ष

प्रदेश का बजट गांव, गरीब और किसान के लिए ऐतिहासिक है। बजट में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को साकार करने के हरसंभव प्रयास किये गये हैं। किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा।


कमल पटेल
कृषि मंत्री, म.प्र.

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