राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन में देवास जिले के 15 कृषक हुए शामिल

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20 अक्टूबर 2022, इंदौर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन में देवास जिले के 15 कृषक हुए शामिल – गत दिनों  कृषि विज्ञान केन्द्र देवास में प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन के  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  द्वारा उद्घाटन कार्यक्रम का लाईव प्रसारण रखा गया। प्रधानमंत्री ने किसानों से  कहा कि तकनीकी के माध्यम से किसान घर बैठे ही देश की किसी भी मण्डी में अपनी उपज बेच सकते हैं।  प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि की 12वीं किश्त जारी की।इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र देवास से जिले के 15 प्रगतिशील कृषकों को पूसा, नई दिल्ली भेजा गया। देवास जिले के उन्नत कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन  को कृषि विज्ञान केन्द्र पर ही ऑन  लाईन दिखाया गया। जिसमें 220 कृषक एवं कृषक महिलाओं के साथ केन्द्र के 13 वैज्ञानिकों/कर्मचारियों ने भागीदारी की।

 केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ  ए.के.बड़ाया ने बताया कि दलहनी फसलें किसानों को वित्तीय तौर पर मजबूत बनाती हैं। दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने एवं उन्नत तकनीकों का समावेशकरने से प्रति हेक्टेयर 2 से 4 क्विंटल की बढ़त की जा सकती है। दलहनी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक एवं नाइट्रोजन स्थिरीकरण द्वारा मृदा उर्वरता में सुधार संबंधी जानकारी दीगई एवं रबी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकी पर जोर दिया गया। 

केन्द्र के वैज्ञानिक डा. के.एस.भार्गव ने वर्षा जल संरक्षण के बारे में  बताया कि किस तरह वर्षा जल से कुएं, हैण्डपंप आदि को रिचार्ज किया जा सकता है। उन्होंने खेती में अपनाई जाने वाली नवीन सिंचाई तकनीकियां जैसे-बूंद-बूंद पद्धति एवं फव्वारा पद्धति से पानी की 70 प्रतिशत तक बचत हो सकती है।उद्यानिकी वैज्ञानिक डा. निशीथ  गुप्ता ने फल एवं सब्जी उत्पादन कर आय अर्जन करने और फल बगीचे लगाने के बारे में कृषकों को जानकारी दी। कीट वैज्ञानिक डा. मनीष कुमार ने प्राकृतिक खेती को अपनाकर  रसायनों से होने वाली हानियों के बारे में जानकारी दी । डा. लक्ष्मी, मत्स्य वैज्ञानिक ने  वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर किसानों कीआय को बढ़ाने  पर जोर दिया गया। 

श्रीमती नीरजा पटेल , वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) ने  कृषि से संबंधित उत्पादों द्वारा उद्यमिता विकास करने के बारे में बताया गया। श्रीमती अंकिता पाण्डेय, तकनीकी अधिकारी द्वारा फल एवं सब्जी द्वारा विभिन्न उत्पाद तैयार कर आय अर्जन की जानकारी दी गई।डा. सविता कुमार  तकनीकी अधिकारी ने फसलों की बुवाई से पूर्व मृदा परीक्षण कराने के महत्व के बारे में बताया। केन्द्र पर देवास जिले के उन्नतशील सफल कृषकों ने अपने अनुभव अन्य कृषकों से साझा किए।  जिले के अन्य उपस्थित  प्रगतिशील कृषकों से केन्द्र के वैज्ञानिकों ने परिचर्चा कर उनकी  समस्याओं का निराकरण वैज्ञानिकों द्वारा किया गया।

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