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राज्य कृषि समाचार (State News)

हर साल 12 मिलियन हेक्टेयर भूमि खराब होती है: श्री तोमर

07 जून 2024, नई दिल्ली: हर साल 12 मिलियन हेक्टेयर भूमि खराब होती है: श्री तोमर – विश्व पर्यावरण दिवस पर मध्य प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष  श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि दुनिया भर में पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में हैं। विश्वभर में 2 अरब हेक्टेयर से अधिक भूमि खराब हो चुकी है। हर साल 12 मिलियन हेक्टेयर भूमि खराब होती है, जिससे वैश्विक खाद्य और जल आपूर्ति प्रभावित होती है।

नरेंद्र सिंह तोमर

कंफेडरेशन ऑफ एनजीओज ऑफ रूरल इंडिया द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में श्री तोमर ने कहा, ” जैव ऊर्जा भूमि पुनर्स्थापन, मरुस्थलीकरण को रोकने और सूखे के प्रतिरोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि यह स्थायी ऊर्जा समाधान प्रदान करती है। भूमि क्षरण से 3.2 अरब लोग प्रभावित होते हैं, जो विशेष रूप से ग्रामीण समुदायों, छोटे किसानों और गरीबों को नुकसान पहुंचाती है। इसे तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।”

श्री तोमर ने राष्ट्रीय जैव ऊर्जा कार्यक्रम जैसी योजनाओं की सराहना की, जिसमें वेस्ट टू एनर्जी प्रोग्राम, बायोमास प्रोग्राम और बायोगैस प्रोग्राम शामिल हैं; सतत वैकल्पिक सस्ते परिवहन (SATAT) योजना; नया राष्ट्रीय बायोगैस और जैविक खाद कार्यक्रम (NNBOMP) और गोबर धन योजना शामिल हैं।

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श्री दिलीप शंघानी, अध्यक्ष, आईएफएफसीओ और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) ने कहा, “नए वैश्विक आदेश में सहकारी आर्थिक ढांचे को जलवायु परिवर्तन की चुनौती के लिए काम करने के लिए पुनर्गठित करना होगा। जैव-अर्थव्यवस्था का आजीविका समाधान में बड़ा भूमिका है।”

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कंफेडरेशन ऑफ एनजीओज ऑफ रूरल इंडिया के महासचिव श्री बिनोद आनंद ने कहा, “सूखा हर साल 55 मिलियन लोगों को प्रभावित करता  हैं। भूमि क्षरण से वैश्विक खाद्य उत्पादन 12% तक कम हो सकता है, जिससे 2040 तक खाद्य कीमतों में 30% तक की वृद्धि हो सकती है।”

इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए , जिनमें डॉ आर जी अग्रवाल चेयरमैन धानुका ग्रुप ,डॉ एस एन त्रिपाठी (आईएएस सेनि.);; सुश्री नील कमल दरबारी (आईएएस सेनि.); प्रो (डॉ) विनोद के शर्मा; श्री विशाल सिंह; सुश्री गोपा पांडे (आईएफएस सेवानिवृत्त); श्री विपिन सैनी आदि  प्रमुख रहे ।

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