म.प्र. में उद्यानिकी स्वर्ण क्रांति अभियान प्रारंभ

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म.प्र. में उद्यानिकी स्वर्ण क्रांति अभियान प्रारंभ

भोपाल। मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2000 करोड़ रु. का उद्यानिकी स्वर्ण क्रान्ति अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता को प्रोत्साहिन किया जायेगा। इस अभियान की घोषणा सुश्री कुसुम महदेले मंत्री उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास कुटीर एवं ग्रामोद्योग ने एक पत्रकार वार्ता में की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री प्रवीर कृष्ण, प्रबंध संचालक, एम.पी. एग्रो एवं प्रमुख सचिव जनसंपर्क श्री एस.के. मिश्रा, उद्यानिकी संचालक श्री एम.एस. धाकड़ उपस्थित थे।

म.प्र. के तीन चौथाई क्षेत्र में अभी भी उद्यानिकी फसलें नहीं लगाई जाती हैं।

सुश्री महदेले ने कहा कि म.प्र. के तीन चौथाई क्षेत्र में अभी भी उद्यानिकी फसलें नहीं लगाई जाती हैं। जबकि मध्यप्रदेश की जलवायु उद्यानिकी फसलों के अनुकूल है। उन्होंने कहा कि फलों के प्रसंस्करण एवं विपणन के लिये ब्राण्ड इक्विटी बनाई जायेगी। मेगा और मिनी फुड पार्क बनाये जायेंगे। श्री प्रवीर कृष्ण ने अभियान की रूपरेखा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि उद्यानिकी फसलों से कृषक को 2 से 20 लाख रु. प्रति एकड़ प्रतिवर्ष की आमदनी हो सकती है।

15 लाख किसानों को इस अभिायन के माध्यम से उद्यानिकी से जोडऩे का लक्ष्य है

फ्लोरीकल्चर से 15-20 लाख रु. प्रति एकड़ प्रति वर्ष तक की आमदनी हो सकती है। उन्होंने बताया कि 15 लाख किसानों को इस अभिायन के माध्यम से उद्यानिकी से जोडऩे का लक्ष्य है। इसी प्रकार उद्यानिकी का क्षेत्र 30 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम में उद्यान समिति बनाई जायेगी। समिति में शामिल कृषकों को उद्यानिकी फसलों के लिये प्रेरित किया जायेगा। प्रत्येक किसान के अनुदान खाद, बीज, आदान आदि की जानकारी के लिये स्वर्ण, क्रान्ति फार्मर ट्रैकिंग सिस्टम बनाया गया है, जो एक जुलाई से प्रारंभ हो जायेगा।

ग्रामोद्योग गतिविधियों के लिये ग्रामोद्योग ग्लोबल परियोजना

इसके साथ ही कुटीर एवं ग्रामोद्योग गतिविधियों के लिये ग्रामोद्योग ग्लोबल परियोजना की भी घोषणा की गई। इस परियोजना में हैण्डलूम, हस्तशिल्प खादी, रेशम, माटी शिल्प के उत्पादों को विक्रय के लिये एक छत के नीचे लाया जायेगा। इसे ऑनलाईन प्रक्रिया से जोड़कर विश्व बाजार से लिंक करने की योजना तैयार की गई है।

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