राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

नकली खाद-बीज की किसान कहां करें शिकायत? जानिए हेल्पलाइन नंबर और जरूरी जानकारी 

02 सितम्बर 2025, नई दिल्ली: नकली खाद-बीज की किसान कहां करें शिकायत? जानिए हेल्पलाइन नंबर और जरूरी जानकारी – देशभर के किसानों को अब नकली खाद-बीज और कीटनाशकों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार और कृषि विभाग ने किसानों की सुरक्षा और फसल बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर किसी किसान को खाद, बीज या कीटनाशकों में मिलावट या नकली सामग्री की आशंका हो, तो वह सीधे सरकार द्वारा जारी किए गए टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।

क्या है यह पहल?

कृषि विभाग ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इस नंबर की शुरुआत की है। यह कदम उन मिलावटखोर और धोखेबाज विक्रेताओं पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है, जो किसानों को नकली खाद, घटिया बीज और खराब कीटनाशक बेचकर उनकी फसल और भविष्य दोनों से खिलवाड़ करते हैं।

कैसे और कब करें शिकायत?

किसान नकली खाद, बीज या कीटनाशक से जुड़ी कोई भी शिकायत करने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कॉल कर सकते हैं। शिकायत करते समय उन्हें उस दुकान या व्यक्ति का नाम और पता बताना होगा जिससे उन्हें नकली या घटिया उत्पाद मिला हो। साथ ही, यदि संभव हो तो उस प्रोडक्ट की पूरी डिटेल्स भी देने से विभाग को जांच और कार्रवाई में मदद मिलेगी।

किसानों को होगा ये फायदा:

1. नकली उत्पादों से फसल बचाई जा सकेगी।
2. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
3. भविष्य में फर्जी खाद-बीज बेचने वालों पर रोक लगेगी।
4. किसानों का विश्वास बढ़ेगा और उत्पादन  सुरक्षित होगा।

खाद-बीज में गड़बड़ी दिखने पर तुरंत करें शिकायत

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा है कि किसानों के साथ धोखा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पूरे देश में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और जिन कंपनियों या दुकानों पर नकली माल बेचने का आरोप साबित हुआ है, उनके लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं।

अगर आपको खाद या बीज में कोई गड़बड़ी दिखे जैसे रंग, पैकिंग, गंध या असर में कमी तो तुरंत 1800-180-1551 पर कॉल करें। इसके अलावा, आप अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements