राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गेहूं उपार्जन प्रक्रिया बनी और सरल : श्री किदवई

किसान घर बैठे करा सकेंगे पंजीयन

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2 मार्च 2022, नई दिल्ली/भोपाल ।  गेहूं उपार्जन प्रक्रिया बनी और सरल : श्री किदवई प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री फैज अहमद किदवई ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया को और अधिक सरल किया गया है। अभी तक किसानों को स्वयं पंजीयन के लिए आना पड़ता था। नई नीति में किसान स्वयं के मोबाईल अथवा कम्प्यूटर से एवं कियोस्क पर शुल्क देकर पंजीयन करा सकेंगे। इधर देश में 444 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का अनुमान जताया गया जिसके तहत म.प्र. में 129 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य है।

नि:शुल्क एवं सशुल्क होगा पंजीयन

श्री किदवई ने बताया कि उपार्जन के लिए पंजीयन की नि:शुल्क एवं सशुल्क दोनों ही व्यवस्था रखी गई है। नि:शुल्क व्यवस्था में किसान स्वयं के मोबाईल से निर्धारित लिंक पर, ग्राम एवं जनपद पंचायत, तहसील एवं सहकारी समिति के सुविधा केंद्रों पर जाकर नि:शुल्क पंजीयन करा सकेंगे। ऐसे किसान जो स्वयं पंजीयन नहीं करा सकते, वे कियोस्क के माध्यम से अधिकतम शुल्क 50 रूपये देकर एमपी ऑन लाईन या कॉमन सर्विस सेंटर, लोकसेवा केंद्र अथवा निजी साइबर कैफे के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे। इस व्यवस्था से अब उन्हें लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना होगा। सिकमी एवं बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समिति स्तर पर स्थित पंजीयन केंद्रों पर ही पंजीयन करा सकेंगे।

एसएमएस प्राप्ति की अनिवार्यता समाप्त

उपार्जन केन्द्र पर जाकर फसल बेचने के लिए एसएमएस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। अभी तक किसान एसएमएस पर प्राप्ति तिथि पर ही अपनी फसल उपार्जन केन्द्र पर बेच सकता था। परिवर्तित व्यवस्था में निर्धारित पोर्टल से नजदीक के उपार्जन केन्द्र, तिथि और समय स्लॉट का स्वयं चयन कर सकेंगे। स्लॉट का चयन उपार्जन प्रारंभ होने की तिथि से एक सप्ताह पूर्व तक किया जा सकेगा।

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भुगतान व्यवस्था भी हुई अपग्रेड

नवीन व्यवस्था में किसानों को उपार्जित फसल का भुगतान अब उनके आधार नंबर से लिंक खाते में सीधे प्राप्त होगा। इससे बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड की प्रविष्टि में त्रुटि से भुगतान में होने वाली असुविधा समाप्त हो जाएगी। किसान को अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखना होगा। किसान आधार पंजीयन केंद्र पर मोबाईल नंबर की प्रविष्टि करा सकेंगे।

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आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य

पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बोयामेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। पंजीयन के लिए अनिवार्य होगा कि भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।

 

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