किसान दिवस 2025 पर देशभर के किसानों से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संवाद
24 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: किसान दिवस 2025 पर देशभर के किसानों से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संवाद – किसान दिवस 2025 के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के किसानों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने संसद से हाल ही में पारित और महामहिम राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत विकसित भारत–जी राम जी (ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन) अधिनियम का उल्लेख करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस अधिनियम में ऐसे ठोस प्रावधान किए हैं, जिससे किसान प्रसन्न रहें और खेतिहर मजदूर भी खुशहाल रहें। यह कानून किसानों और मजदूरों—दोनों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम: ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती
किसान दिवस 2025 के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना अब विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के रूप में और अधिक सशक्त हुई है। इससे ग्रामीण मजदूरों की आजीविका को मजबूत आधार मिलेगा और रोजगार व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम किसानों की आवश्यकताओं और मजदूरों के अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समग्र रूप से मजबूती मिलेगी।
125 दिन के रोजगार की गारंटी और खेती के मौसम में मजदूरों की उपलब्धता
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले मनरेगा के अंतर्गत वर्ष में 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, जबकि अब विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत पहली बार ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। यह बदलाव ग्रामीण परिवारों की आय-सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नए अधिनियम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें खेती के मौसम को ध्यान में रखा गया है। बुवाई और कटाई जैसे महत्वपूर्ण समय में मजदूरों की कमी से किसानों को अक्सर परेशानी होती थी। अब राज्यों की कृषि परिस्थितियों और फसल चक्र के अनुरूप व्यवस्था की गई है, ताकि कृषि मौसम में मजदूर खेती-किसानी में उपलब्ध रहें और किसानों को मुख्य कृषि समय में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से जागरूकता पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस नए अधिनियम की जानकारी देशभर के किसानों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि किसान जागरूक हों और योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
किसान दिवस 2025 के अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को स्मरण करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है और किसानों के कल्याण को लेकर उनकी सोच आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि भारत को पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना अनिवार्य है, और इस दिशा में विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम एक प्रभावी कदम सिद्ध होगा।
इस कार्यक्रम में पूसा संस्थान में प्रगतिशील किसान और कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे, जबकि देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों और आईसीएआर से संबद्ध संस्थानों के माध्यम से बड़ी संख्या में किसान वर्चुअल रूप से जुड़े। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक मंगीलाल जाट सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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