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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से संवाद की शुरुआत, पराली से वेस्ट नहीं, वेल्थ बनाने पर दिया जोर

25 सितम्बर 2024, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से संवाद की शुरुआत, पराली से वेस्ट नहीं, वेल्थ बनाने पर दिया जोर – केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में किसान और किसान संगठनों से सीधे संवाद की प्रक्रिया की शुरुआत की। उन्होंने लगभग 50 किसान नेताओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं व सुझावों पर गंभीरता से चर्चा की। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के मुद्दों को समझने के लिए सीधे संवाद आवश्यक है और हर मंगलवार को यह संवाद जारी रहेगा।

किसानों की भलाई के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। सरकार ने तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में 7 बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है, जिन पर 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डिजिटल कृषि मिशन के लिए 2817 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे कृषि में टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ेगा।

श्री चौहान ने कहा कि किसानों से प्राप्त सुझावों में फसल बीमा योजना, अवारा पशुओं की समस्या और फसल के मूल्य से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन सभी समस्याओं को सुलझाने के लिए अधिकारियों के साथ गंभीरता से वर्कआउट किया जाएगा।

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पराली प्रबंधन के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कई अनुसंधानों और मशीनों के माध्यम से पराली को जलाने की बजाय उसका बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने इसे “वेस्ट से वेल्थ” बनाने की दिशा में कदम बताया और किसानों को जागरूक करने का वादा किया।

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किसान संगठनों ने सरकार के फैसलों की सराहना की, जिनमें पाम ऑयल पर इंपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि, बासमती के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य हटाना, प्याज की निर्यात ड्यूटी घटाना और तुअर, उड़द व मसूर की सरकारी खरीद शामिल हैं।

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