केंद्रीय कृषि मंत्री ने नई कृषि प्रौद्योगिकियों एवं किस्मों का विमोचन किया

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2 जून 2021, नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री ने नई कृषि प्रौद्योगिकियों एवं किस्मों का विमोचन किया – केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सरकार की सफलता के 7 वर्ष पूरे होने के साथ-साथ प्रधानमंत्री जी के दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। श्री तोमर ने कहा कि हमारे देश में खाद्यान्न की प्रचुरता है, यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अनुसंधान, किसानों के परिश्रम व कृषि हितैषी नीतियों का सद्परिणाम है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने यह बात गत दिवस  आईसीएआर की उपलब्धियों, प्रकाशनों, नई कृषि प्रौद्योगिकियों एवं कृषि फसलों की नई किस्मों की लॉन्चिंग तथा “कृतज्ञ” (KRITAGYA) हैकाथॉन के विजेताओं को पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में कही। “कृतज्ञ”में प्रतियोगियों ने कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए एक से बढ़कर एक उपयोगी संरचनाएं सृजित कर अपनी योग्यता व क्षमता को साबित किया है।

श्री तोमर ने आईसीएआर की तारीफ करते हुए कहा कि उसके वैज्ञानिक समग्रता से विचार कर रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों व अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से हमारे बीज सामना कर सकें तथा किसानों की आय बढ़ा सकें एवं उत्पादन व उत्पादकता को भी बढ़ाया जा सकें। उन्होंने कहा कि “कृतज्ञ”हैकाथॉन में जिस तरह से अच्छे से अच्छे आविष्कार पेश किए गए हैं, उसे देखते हुए विश्वासपूर्वक कहा जा सकता है कि हिंदुस्तान के नागरिकों में बड़ी से बड़ी परिस्थितियों का सामना करने व उनमें विजयी प्राप्त करने का सामर्थ्य है, यहीं भारत वर्ष की सबसे बड़ी पूंजी व ताकत है।कृषि का क्षेत्र अग्रणी भूमिका निभा सकें, इसमें आईसीएआर से संबंधित वैज्ञानिकगण, अनुसंधान केंद्र, वि.वि., छात्र, नई तकनीक, नए बीजों की किस्में ईजाद करने का निश्चित रूप से बहुत बड़ा महत्व है। कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला, आईसीएआरके महानिदेशक डा. त्रिलोचन महापात्र, विशेष सचिव श्री संजय सिंह, उप-महानिदेशक (शिक्षा) डॉ. आर.सी. अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

कृतज्ञ” हैकाथॉन –भारत की कृषि शिक्षा और आधुनिक बने व प्रतिभाओं को पूरा अवसर मिले, इसलिए राष्ट्रीय कृषि उच्चतर शिक्षा परियोजना (NAHEP) के तहत”कृतज्ञ”कृषि हैकाथॉन का आयोजन किया गया। कुल 784 टीमों ने भाग लिया, जिनमें मुख्यतःआईआईटी, कृषि व अन्य वि.वि. एवं अनुसन्धान संस्थान शामिल थे। । 

प्रथम पुरस्कार 5 लाख रू. का गोवा वि.वि. टीम को मिला, जिसने नारियल/तेल ताड़ की कटाई के लिए ड्रोन बनाया।

द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रू. का ICAR-CIAEE, भोपाल को, जिसने पौधों की बीमारियों का वास्तविक समय में पता लगाने,  का सुझाव दिया।

तृतीय पुरस्कार 1 लाख रू. का दो टीमों को संयुक्त रूप से दिया गया इनमें बैंगलुरू की टीम के  बैटरी चलित पोर्टेबल कोकून हार्वेस्टर, और , तमिलनाडु जयललिता फिशरीज यूनिवर्सिटी की टीम को यह पुरस्कार सूखी मछली को काटते समय मछुआरे की मुश्किलों को कम करने वाले सेमी-ऑटोमैटिक कटर, बनाने के लिए मिला।

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