राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

डीएपी और मूंग का दाम किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा

मुख्यमंत्री ने बताया मध्य प्रदेश का हाल

22 जून 2021, भोपाल/नई दिल्ली ।  डीएपी और मूंग का दाम किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा –  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानन्द गौड़ा, केन्द्रीय रेल, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर एमपी की जानकारी दी। श्री चौहान ने मुख्यत: डी.ए.पी. और मूंग की खरीदी पर किसानों को उचित दाम मिलने की बात की। उन्होंने कहा कि मूंग उत्पादन का वाजिब दाम किसानों के लिए संजीवनी साबित होगा उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि पिछले साल जी.डी.पी. का साढ़े 5 प्रतिशत राज्यों को बाजार से ऋण लेने की छूट थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आग्रह किया कि इसी छूट को चालू वर्ष में रखा जाये। ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार ने छूट को साढ़े 5 से घटाकर साढ़े 4 प्रतिशत कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री से चर्चा के बाद सभी को दीवाली (नवम्बर) तक नि:शुल्क राशन प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिया जायेगा।

श्री नरेन्द्र सिंह तोमर
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात कर किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित प्रावधान के अनुसार खरीदी करने के लिए प्रदेश के प्रस्ताव के अनुसार संशोधित लक्ष्य जारी करने का आग्रह किया कि खाद्य सुरक्षा के लिए दलहन के क्षेत्र में वृद्धि तथा कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए यह आवश्यक है कि मूंग उपार्जन का लक्ष्य 5 लाख मीट्रिक टन बढ़ाया जाय।

श्री डी.वी. सदानन्द गौड़ा
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री गौड़ा को राज्य में डी.ए.पी. की समस्या से अवगत कराया और आग्रह किया कि 3.46 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी. तथा 3.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया का संशोधित आवंटन शीघ्र जारी किया जाय। साथ ही 25 जून तक डी.ए.पी. अनिवार्यत: राज्य को प्रदाय करवाये।

श्री पीयूष गोयल 
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय रेल, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल से प्रदेश में इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर की कठिन परिस्थिति में किसानों के चमकविहीन गेहूं का उठाव करवाए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी प्रदेश में 128.16 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ है और इसका पूरा श्रेय किसानों को जाता है।

Advertisement
Advertisement

श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई असमय वर्षा के कारण प्रदेश के 26 जिलों में गेहूँ की चमकविहीनता की स्थिति उत्पन्न हुई है, लेकिन उसकी पौष्टिकता और गुणवत्ता बरकरार है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने 10 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूँ का उपार्जन करने की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में असमय वर्षा के कारण चमकविहीनता का प्रतिशत 10 से लेकर 80 प्रतिशत तक हो गया, जिसका उपार्जन किसानों के हित में किया गया है। उन्होंने आग्रह किया कि केन्द्र सरकार भारतीय खाद्य निगम द्वारा 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उठाव शीघ्रातिशीघ्र कराये, जिससे भण्डारण की समस्या उत्पन्न न हो

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement