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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

2025-26 में देश का बागवानी उत्पादन 3777 लाख टन पहुंचने का अनुमान

फल, सब्जियां और फूल बने वृद्धि के प्रमुख आधार; बागवानी क्षेत्रफल 301.51 लाख हेक्टेयर तक पहुंच सकता है

17 जून 2026, नई दिल्ली: 2025-26 में देश का बागवानी उत्पादन 3777 लाख टन पहुंचने का अनुमान – भारत का बागवानी क्षेत्र वर्ष 2025-26 में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दूसरे अग्रिम अनुमान (Second Advance Estimates) के अनुसार देश का कुल बागवानी उत्पादन 3777.76 लाख टन (377.78 मिलियन टन) रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष 2024-25 के अंतिम अनुमान 3707.38 लाख टन की तुलना में 70.39 लाख टन अथवा 1.9 प्रतिशत अधिक है।

वर्ष 2025-26 के लिए बागवानी क्षेत्रफल एवं उत्पादन अनुमान

विवरण2024-25 (अंतिम अनुमान)2025-26 (प्रथम अग्रिम अनुमान)2025-26 (द्वितीय अग्रिम अनुमान)
क्षेत्रफल (लाख हेक्टेयर)301.36301.31301.51
उत्पादन (लाख टन)3707.383708.463777.76

देश में बागवानी फसलों का कुल क्षेत्रफल भी बढ़कर 301.51 लाख हेक्टेयर पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 301.36 लाख हेक्टेयर से 0.14 लाख हेक्टेयर अधिक है। उत्पादन वृद्धि का मुख्य योगदान फल, सब्जी, फूल तथा औषधीय एवं सुगंधित फसलों से आने की संभावना है।

फलों के उत्पादन में 3.25 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान

मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025-26 में फलों का उत्पादन 1214.75 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह 1176.49 लाख टन था। इस प्रकार फलों के उत्पादन में 38.26 लाख टन अथवा 3.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो सकती है।

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केला, आम, पपीता, सेब और अमरूद जैसी प्रमुख फसलों में बेहतर उत्पादन के कारण यह वृद्धि संभव मानी जा रही है। भारत पहले से ही विश्व के प्रमुख फल उत्पादक देशों में शामिल है और बढ़ता उत्पादन घरेलू मांग के साथ-साथ निर्यात संभावनाओं को भी मजबूत कर सकता है।

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सब्जियों का उत्पादन 2210 लाख टन तक पहुंच सकता है

सब्जियों के क्षेत्रफल में भी वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में 117.91 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों की खेती की गई थी, जो 2025-26 में बढ़कर 118.79 लाख हेक्टेयर हो सकती है।

उत्पादन की बात करें तो सब्जियों का कुल उत्पादन 2177.97 लाख टन से बढ़कर 2210.00 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। यानी लगभग 32.04 लाख टन या 1.47 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

आलू, टमाटर, भिंडी, मटर, फूलगोभी और लौकी जैसी फसलों में उत्पादन बढ़ने की संभावना जताई गई है।

आलू और टमाटर उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

आलू का उत्पादन वर्ष 2025-26 में 598.89 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 585.71 लाख टन की तुलना में 13.18 लाख टन अधिक है। यह लगभग 2.25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

वहीं टमाटर उत्पादन 205.99 लाख टन से बढ़कर 214.61 लाख टन तक पहुंच सकता है। यह 8.62 लाख टन या 4.19 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बढ़ते उत्पादन से बाजार में आपूर्ति मजबूत रहने और कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद की जा रही है।

प्याज का रकबा बढ़ेगा, उत्पादन लगभग स्थिर

देश में प्याज का क्षेत्रफल 19.68 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 20.14 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है। यह 2.31 प्रतिशत की वृद्धि है।

हालांकि क्षेत्रफल बढ़ने के बावजूद प्याज उत्पादन लगभग स्थिर रहने की संभावना है। वर्ष 2025-26 में प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 307.67 लाख टन था। विभिन्न राज्यों में उत्पादकता के अंतर का प्रभाव कुल उत्पादन पर दिखाई दे सकता है।

फूलों और औषधीय फसलों में तेज वृद्धि

फूलों की खेती भी लगातार विस्तार कर रही है। फूलों का क्षेत्रफल 3.97 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.00 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है। उत्पादन में 7.47 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 42.65 लाख टन से बढ़कर 45.84 लाख टन तक पहुंच सकता है।

इसी प्रकार औषधीय एवं सुगंधित पौधों का उत्पादन 9.01 लाख टन से बढ़कर 9.76 लाख टन होने का अनुमान है। आयुर्वेद, हर्बल उत्पादों और प्राकृतिक स्वास्थ्य उत्पादों की बढ़ती मांग इस क्षेत्र को नई संभावनाएं प्रदान कर रही है।

मसालों और प्लांटेशन फसलों का भी विस्तार

मसालों का क्षेत्रफल वर्ष 2025-26 में 50 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि उत्पादन 126.55 लाख टन रह सकता है। लहसुन, हल्दी, करी पत्ता और मेथी जैसी फसलों में उत्पादन वृद्धि की संभावना व्यक्त की गई है।

प्लांटेशन फसलों का कुल क्षेत्रफल 46.56 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है तथा इनका उत्पादन 169.34 लाख टन तक पहुंच सकता है।


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