राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

देश में अब तक खरीफ बोनी 378 लाख हेक्टेयर से ज्यादा दलहनी फसलों का क्षेत्र 50 फीसदी बढ़ा

09 जुलाई 2024, नई दिल्ली: देश में अब तक खरीफ बोनी 378 लाख हेक्टेयर से ज्यादा दलहनी फसलों का क्षेत्र 50 फीसदी बढ़ा देश में अब तक खरीफ की बुवाई 378 लाख 72 हजार हेक्टेयर में हो गई है जबकि गत वर्ष अब तक 331 लाख 90 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में बुवाई लगभग 14.10 फीसदी बुवाई बढ़ी है। श्रीअन्न सह मोटे अनाजों की बुवाई को छोड़कर अन्य सभी फसलों की बुवाई में तेजी आई है।

कृषि मंत्रालय द्वारा 8 जुलाई 2024 तक जारी आंकड़ों के अनुसार प्रमुख फसल धान अब तक 59.99 लाख हेक्टेयर में बोई गई है जबकि गत वर्ष समान अवधि में 50.26 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी। इसी प्रकार दलहन का रकबा अभी तक 36.81 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो गत वर्ष की समान अवधि में 23.78 लाख हेक्टेयर था, इसमें अरहर की बुवाई 20.82 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4.09 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी।
उड़द की बुवाई अब तक 5.37 लाख हेक्टेयर में की गई है। वहीं मूंग की बुवाई 8.49 लाख हेक्टेयर में हुई है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक मोटे अनाज की बुवाई कम क्षेत्र में हुई है। अब तक 58.48 लाख हेक्टेयर में बोनी हो गई है जबकि गत वर्ष अब तक 82.08 लाख हेक्टेयर में बोनी हुई थी। इसमें मक्का की बुवाई अब तक 41.09 लाख हेक्टेयर में की गई है। गत वर्ष इस अवधि में 30.22 लाख हेक्टेयर में हुई थी। ज्वार 3,66 लाख हेक्टेयर में बोया गया है वहीं बाजरा भी 11.41 लाख हेक्टेयर में बोया गया है। जबकि गत वर्ष समान अवधि में 43.02 लाख हेक्टेयर में बोया गया था।

इसी प्रकार तिलहनी फसल का कुल रकबा 80.31 लाख हेक्टेयर हो गया है जो गत वर्ष अब तक 51.97 लाख हेक्टेयर था। सोयाबीन की बुवाई अब तक 60.63 लाख हेक्टेयर  में हो गई है जो गत वर्ष अब तक 28.86 लाख हेक्टेयर में हुई थी। इसी प्रकार मूंगफली की बुवाई 17.85 लाख हेक्टेयर में हुई है। वहीं सूरजमुखी की बोनी अब तक 46 हजार हेक्टेयर में हुई है।
नकदी फसल गन्ने का रकबा अब तक 56.88 लाख हेक्टेयर  हो गया है। जो गत वर्ष अब तक 55.45 लाख हेक्टेयर था। जूट और मेस्टा का रकबा 5.63 लाख हेक्टेयर हो गया है वहीं कपास का रकबा 80.63 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो गत वर्ष इसी अवधि के दौरान 62.34 लाख हेक्टेयर था।

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