राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

MSP में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: 2015-16 से 2025-26 तक फसलों की कीमतें हुई दोगुनी से अधिक, किसानों को सीधा फायदा

15 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: MSP में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: 2015-16 से 2025-26 तक फसलों की कीमतें हुई दोगुनी से अधिक, किसानों को सीधा फायदा – भारत सरकार हर साल राज्यों और संबंधित मंत्रालयों के सुझावों तथा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर देश की 22 अधिदेशित फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करती है।

2018-19 के केंद्रीय बजट में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि MSP को उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक रखा जाएगा। इसके बाद से खरीफ, रबी और वाणिज्यिक फसलों के MSP में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

सरकार का कहना है कि MSP में यह वृद्धि किसानों को सीधे लाभ पहुंचा रही है। फसल वर्ष 2024-25 में कुल खरीद 1,223 लाख मीट्रिक टन रही और MSP के तहत किसानों को ₹3.47 लाख करोड़ का भुगतान किया गया।

MSP में प्रमुख फसलों की बढ़ोतरी

नीचे 2015-16 और 2025-26 के MSP की तुलना और प्रतिशत बढ़ोतरी दर्शाई गई है:

खरीफ फसलें:

फसलMSP 2015-16 (₹/क्विंटल)MSP 2025-26 (₹/क्विंटल)% बढ़ोतरी
धान (सामान्य)1410236968%
धान (ग्रेड A)1450238965%
ज्वार (हाइब्रिड)15703699136%
ज्वार (मालदंडी)15903749136%
बाजरा12752775118%
रागी16504886196%
मक्का1325240081%
अरहर4625800073%
मूंग4850876881%
उड़द4625780069%
कपास (मध्यम रेशा)38007710103%
कपास (लंबा रेशा)4100811098%
मूंगफली4030726380%
सूरजमुखी बीज38007721103%
सोयाबीन (पीला)26005328105%
रामतिल47009846110%
नाइजर बीज36509537161%
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रबी फसलें:

फसलMSP 2015-16 (₹/क्विंटल)MSP 2025-26 (₹/क्विंटल)% बढ़ोतरी
गेहूं1525258569%
जौ1225215076%
चना3500587568%
मसूर34007000106%
रेपसीड-सरसों3350620085%
कुसुम3300654098%

MSP वृद्धि का किसानों पर असर

इन आंकड़ों से साफ है कि 2015-16 से 2025-26 के बीच कई प्रमुख फसलों की कीमतें दोगुनी या उससे अधिक बढ़ गई हैं। इससे किसानों की आमदनी में स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

सरकार की MSP नीति ने किसानों को सुरक्षित मूल्य और बेहतर मुनाफा सुनिश्चित किया है। विशेष रूप से खरीफ और रबी फसलों में इस वृद्धि का सीधा फायदा किसान को मिला है, जिससे वे उत्पादन लागत के साथ-साथ अपने निवेश पर उचित लाभ कमा रहे हैं।

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