खरीफ फसलों में रिकॉर्ड वृद्धि का अनुमान, कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 1733.30 लाख टन: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह
28 नवंबर 2025, नई दिल्ली: खरीफ फसलों में रिकॉर्ड वृद्धि का अनुमान, कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 1733.30 लाख टन: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य कृषि फसलों (खरीफ) के उत्पादन का प्रथम अग्रिम अनुमान जारी कर दिया है। इसके अनुसार, खरीफ की प्रमुख फसलों के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि का अनुमान है, कुल खाद्यान्न उत्पादन 38.70 लाख टन बढ़कर 1733.30 लाख टन अनुमानित हैं। खरीफ चावल व मक्का के अच्छे उत्पादन की उम्मीद है। शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक प्रगति हो रही हैं।
अच्छे मानसून से फसल उत्पादन में वृद्धि
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश में कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा ने फसलों को प्रभावित किया, लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों को अच्छे मानसून से काफी लाभ हुआ है, इससे कुल मिलाकर फसलों की अच्छी वृद्धि हुई है। प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान खरीफ चावल उत्पादन 1245.04 लाख टन अनुमानित है, जो गत वर्ष के खरीफ चावल उत्पादन से 17.32 लाख टन ज्यादा है। खरीफ मक्का का उत्पादन 283.03 लाख टन अनुमानित है, जो गत वर्ष के खरीफ मक्का उत्पादन से 34.95 लाख टन अधिक है।
चावल और मक्का के अच्छे उत्पादन की उम्मीद
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान कुल खरीफ पोषक/मोटा अनाज 414.14 लाख टन और कुल खरीफ दलहन उत्पादन 74.13 लाख टन अनुमानित है, जिसमें तूर 35.97 लाख टन, उड़द 12.05 लाख टन तथा मूंग 17.20 लाख टन का उत्पादन अनुमानित है। 2025-26 के दौरान देश में कुल खरीफ तिलहन का उत्पादन 275.63 लाख टन अनुमानित है। इसमें 110.93 लाख टन मूंगफली का उत्पादन शामिल है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.81 लाख टन अधिक है और सोयाबीन उत्पादन 142.66 लाख टन अनुमानित है। गन्ने का उत्पादन 4756.14 लाख टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 210.03 लाख टन वृद्धि दर्शाता है। कपास का उत्पादन 292.15 लाख गांठें (प्रति गांठ 170 किलोग्राम) तथा पटसन एवं मेस्ता 83.45 लाख गांठों (प्रति गांठ 180 किलोग्राम) का उत्पादन अनुमानित है।
ये अनुमान गत वर्षों की उपज प्रवृत्तियों, अन्य जमीनी स्तर के इनपुट और क्षेत्रीय अवलोकन तथा मुख्यतः राज्यों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तैयार किए गए हैं। फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त वास्तविक उपज आंकड़े आने पर इसमें संशोधन किया जाएगा। अनुमानों का विस्तृत विवरण upag.gov.in पोर्टल पर उपलब्ध है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


