मूंगफली की विपुल उत्पादन एवं रोग प्रतिरोधी नई किस्म GG40 (ICGV 16668) जारी

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19 सितम्बर 2022, नई दिल्ली: मूंगफली कीविपुल उत्पादन एवं रोग प्रतिरोधीनई किस्म GG40 (ICGV 16668) जारी – जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी में ICRISAT के शोधकर्ताओं द्वारा भारत की पहली ‘स्पेनिश प्रकार’ उच्च ओलिक मूंगफली किस्म GG40 (ICGV 16668) विकसित की गई है। यह ‘वर्जीनिया-प्रकार’ की प्रारंभिक किस्मों (गिरनार 4 और 5) की तुलना में फायदेमंद है। उच्च ओलिक एसिड किस्मों के कारण मूंगफली के तेल को जैतून के तेल के समकक्ष  माना जाता है। देश भर में जारी करने  के लिए पहचानी गई मूंगफली की एक नई किस्म भारत के लिए नए अवसर खोलेगी।

“नई मूंगफली किस्म GG40 (ICGV 16668) उच्च उपज देने वाली, सूखा सहिष्णु और पर्ण रोगों के लिए प्रतिरोधी है, जो भारत में किसानों की आय बढ़ाने और भारतीय मूंगफली के निर्यात के अवसरों को बढ़ाने में मदद करेगी।इस किस्म को राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र में खरीफ मौसम में बुवाई  के लिए अनुशंसित किया गया है। मूंगफली की नई किस्म खरीफ (बरसात) के मौसम में 113 दिनों में पक जाती है।

मूंगफली की किस्म GG40 (ICGV 16668) में 80.7% ओलिक एसिड और 3.6% लिनोलिक एसिड की मात्रा है। इसमें प्रोटीन की मात्रा 26% और तेल की मात्रा 51% है। उच्च ओलिक एसिड की मात्रा एवं छह महीने तक की लम्बी शेल्फ लाइफ मूंगफली के तेल की बेहतर गुणवत्ता का संकेत देती है। उच्च एसिड  मात्रा हृदय रोगों और मोटापे के जोखिम को भी कम करने में भी मदद करती है। एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक लाभ यह है कि कन्फेक्शनरी उत्पादों और मूंगफली के मक्खन के लिए उच्च ओलिक एसिड मूंगफली पसंद की जाती है।

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