राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन: बुजुर्गों का सम्मान और सतत विकास पर जोर

02 अक्टूबर 2024, नई दिल्ली: गांधी जयंती पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन: बुजुर्गों का सम्मान और सतत विकास पर जोर –  महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के उद्देश्य से, पंचायती राज मंत्रालय 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के अवसर पर 750 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन करेगा। इस आयोजन का मकसद बुजुर्गों के योगदान को सम्मानित करना और महिलाओं, युवाओं, तथा समाज के अन्य वर्गों की भागीदारी से समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

इन विशेष ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को सम्मानित करना और उनकी अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) को आकार देना है। ये वरिष्ठ नागरिक गांव के विकास और बदलाव की गवाह रहे हैं और अपनी अंतर्दृष्टि साझा करेंगे, जिससे भविष्य की योजनाएं बेहतर ढंग से तैयार की जा सकें। यह पहल देश की आजादी के बाद से हुए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए, अधूरे कार्यों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

बुजुर्गों की अंतर्दृष्टि से बनेगा भविष्य का खाका विशेष ग्राम सभाओं में बुजुर्ग अपने गांवों के बदलाव की कहानियां साझा करेंगे। उनकी यादें और अनुभव भविष्य की योजनाओं को बेहतर ढंग से बनाने में मददगार साबित होंगे। साथ ही, युवाओं को प्रगति के महत्व को समझाने और उन्हें ग्रामीण विकास के कार्यों में शामिल करने का भी प्रयास किया जाएगा।

महिलाओं, युवाओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं (फ्रंटलाइन वर्कर्स) की सक्रिय भागीदारी भी इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता होगी। वे स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे और सामूहिक निर्णय लेने में सहयोग करेंगे। यह पहल समावेशी विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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समाज की समग्र भागीदारी से होगा विकास पंचायती राज मंत्रालय की इस पहल के तहत, 2 अक्टूबर को जन योजना अभियान (पीपुल्स प्लानिंग कैंपेन) के रूप में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को तैयार करने और उन्हें कार्यान्वित करने में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह चर्चा विशेष रूप से सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर केंद्रित होगी, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और रोजगार के मुद्दों पर जोर दिया जाएगा।

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पंचायतों को सहयोग देने के लिए ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (TRIF), पीरामल फाउंडेशन और नैशनल इंस्टीट्यूट फॉर रूरल डिवेलपमेंट एंड पंचायती राज (NIRD & PR) के युवा फेलो भी इन ग्राम सभाओं का हिस्सा होंगे। ये युवा फेलो पंचायतों के साथ मिलकर योजनाओं को तैयार करने में सहयोग करेंगे और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को साकार करने में मदद करेंगे।

पौधरोपण और स्वच्छता अभियान इस ऐतिहासिक अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा, जो सतत विकास और स्वच्छता पर जोर देता है। पंचायती राज मंत्रालय ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इन ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लें और अपनी आवाज को ग्रामीण भारत के भविष्य को आकार देने में योगदान दें।

विशेष ग्राम सभाओं के दौरान संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन, स्वच्छता और फिटनेस के लिए शपथ, जल जीवन मिशन से संबंधित जागरूकता और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव पारित करने जैसी गतिविधियां होंगी। इस दौरान जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे हर घर जल प्रमाणित गांवों की संख्या बढ़ाई जा सके।

गांधी के ग्राम स्वराज के सपने की ओर गांधी जयंती पर होने वाली ये विशेष ग्राम सभाएं न केवल बीते वर्षों की प्रगति का उत्सव होंगी, बल्कि भविष्य के विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। बुजुर्गों के अनुभवों का सम्मान करते हुए, महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से ये ग्राम सभाएं स्थानीय शासन और लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाएंगी।

इस पहल का मकसद समाज की सामूहिक भागीदारी के माध्यम से ग्राम स्वराज की दिशा में एक मजबूत कदम उठाना है। पंचायती राज मंत्रालय ने सभी ग्राम पंचायतों से इस ऐतिहासिक अवसर पर सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि देश के ग्रामीण विकास की दिशा में सामूहिक प्रयासों से भविष्य को आकार दिया जा सके।

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