मुकेश अंबानी का बड़ ऐलान: किसानों तक सस्ती होगी AI, जियो लॉन्च करेगा ‘जियो कृषि’
21 फरवरी 2026, नई दिल्ली: मुकेश अंबानी का बड़ ऐलान: किसानों तक सस्ती होगी AI, जियो लॉन्च करेगा ‘जियो कृषि’ – इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में उद्योगपति मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जिस तरह जियो ने देश में डेटा को किफायती बनाया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी आम नागरिक और खासकर किसानों तक सस्ती दरों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को “इंटेलिजेंस एरा” में आत्मनिर्भर बनाना समय की जरूरत है। अंबानी ने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र के लिए ‘जियो कृषि’ प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की।
यह प्लेटफॉर्म किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में निम्न सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा -मौसम आधारित सटीक सलाह, फसल रोग और कीट पहचान, उर्वरक व पोषण प्रबंधन मार्गदर्शन, बाजार भाव और मांग का पूर्वानुमान,सिंचाई और जल प्रबंधन की स्मार्ट सलाह।कंपनी का दावा है कि AI आधारित यह प्रणाली खेत स्तर पर निर्णय लेने में मदद करेगी, जिससे उत्पादन लागत घटेगी और पैदावार बढ़ेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो अगले सात वर्षों में लगभग ₹10 लाख करोड़ निवेश करेंगे। गुजरात के जामनगर में गीगावॉट-स्तर का AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआती 120 मेगावॉट क्षमता 2026 के अंत तक चालू करने का लक्ष्य है। यह पूरी संरचना ग्रीन एनर्जी आधारित होगी। जियो नेटवर्क के माध्यम से गांवों तक उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग पहुंचाई जाएगी, जिससे किसान मोबाइल या सामुदायिक सेवा केंद्र के जरिए AI सेवाओं का लाभ ले सकें।
भारतीय भाषाओं में AI – अंबानी ने जोर देकर कहा कि तकनीक तभी सफल होगी जब वह भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो। जियो कृषि सहित सभी प्लेटफॉर्म हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में कार्य करेंगे, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी इसका उपयोग कर सकें।
AI से रोजगार पर पड़ने वाले असर को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि नई तकनीक खेतों में दक्षता बढ़ाएगी और एग्री-टेक, ड्रोन संचालन, डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगी। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि AI आधारित कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।यदि जियो की AI पहल जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू होती है, तो यह कृषि सलाह, लागत नियंत्रण और बाजार संपर्क के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। खासकर मौसम अनिश्चितता और बढ़ती लागत के दौर में AI आधारित फसल प्रबंधन किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

