राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ई-नाम पोर्टल पर 1.79 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत

13 अगस्त 2025, नई दिल्ली: ई-नाम पोर्टल पर 1.79 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत – भारत सरकार के प्रमुख डिजिटल कृषि बाज़ार इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (e-NAM) पर अब तक 1.79 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत हो चुके हैं। 2016 में शुरू हुई इस पहल ने देशभर में कृषि व्यापार को पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है।

किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम दिलाने और पारदर्शी मूल्य खोज तंत्र (प्राइस डिस्कवरी मैकेनिज्म) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया e-NAM एक वर्चुअल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भौतिक थोक मंडियों को जोड़ता है, ताकि कृषि उपज का ऑनलाइन लेन-देन आसान और कुशल हो सके।

30 जून 2025 तक e-NAM प्लेटफॉर्म पर:

  • 1,522 मंडियां जोड़ी गई हैं
  • 2,67,719 व्यापारी पंजीकृत
  • 4,518 किसान उत्पादक संगठन (FPOs) पंजीकृत
  • 1,16,042 कमीशन एजेंट पंजीकृत
  • 1,79,41,613 किसान पंजीकृत

अब तक e-NAM पोर्टल पर होने वाले कृषि व्यापार का कुल मूल्य ₹4,39,941 करोड़ तक पहुंच चुका है।

राज्यों के अनुसार पंजीकरण की स्थिति

उत्तर प्रदेश 33.05 लाख किसानों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि मध्य प्रदेश 30.25 लाख किसानों के साथ दूसरे और हरियाणा 27.27 लाख किसानों के साथ तीसरे स्थान पर है। इनके अलावा तेलंगाना (18.23 लाख), राजस्थान (15.48 लाख) और आंध्र प्रदेश (14.54 लाख) में भी बड़ी संख्या में किसान पंजीकृत हैं।

इसके विपरीत, छोटे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जैसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (4 किसान), गोवा (30 किसान), त्रिपुरा (75 किसान) और असम (96 किसान) में पंजीकरण संख्या काफी कम है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में e-NAM अपनाने की गति को दर्शाता है।

प्रमुख राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़े (30 जून 2025 तक)

  • उत्तर प्रदेश – 33,05,157 किसान
  • मध्य प्रदेश – 30,25,172 किसान
  • हरियाणा – 27,27,249 किसान
  • तेलंगाना – 18,23,959 किसान
  • राजस्थान – 15,48,468 किसान
  • आंध्र प्रदेश – 14,54,229 किसान
  • महाराष्ट्र – 12,41,854 किसान
  • छत्तीसगढ़ – 1,36,186 किसान
  • पंजाब – 2,17,896 किसान
  • ओडिशा – 4,56,963 किसान

कृषि के डिजिटलीकरण की दिशा में कदम

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित e-NAM पहल को कृषि विपणन के डिजिटलीकरण का आधारस्तंभ माना जा रहा है। यह किसानों को देशभर के खरीदारों और व्यापारियों से सीधे जोड़कर बिचौलियों की भूमिका कम करने, बाज़ार की दक्षता बढ़ाने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने में मदद कर रही है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की और बताया कि प्लेटफॉर्म का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिसमें हर साल अधिक मंडियां, व्यापारी और किसान जुड़ते जा रहे हैं।

तेज़ी से आधुनिक हो रहे भारतीय कृषि क्षेत्र में e-NAM जैसे प्लेटफॉर्म ग्रामीण उत्पादकों और राष्ट्रीय बाज़ारों के बीच की दूरी को कम करके किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं।

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