मुंबई में मेघालय मसाला महोत्सव का समापन, किसानों को मिले नए बाजार अवसर
02 मार्च 2026, मुंबई: मुंबई में मेघालय मसाला महोत्सव का समापन, किसानों को मिले नए बाजार अवसर – मेघालय का पहला मसाला महोत्सव आज मुंबई के जियो वर्ल्ड ड्राइव, बांद्रा कुर्ला परिसर में प्रारंभ हुआ। यह आयोजन राज्य की तेजी से विकसित हो रही जैविक मसाला अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर मेघालय से 140 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुंबई पहुंचा, जिसमें किसान, उद्यमी, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सीधे देश-विदेश के संभावित खरीदारों, निर्यातकों और खुदरा विक्रेताओं से संवाद स्थापित किया।
उद्घाटन दिवस पर बड़ी संख्या में व्यापारिक प्रतिनिधियों और आगंतुकों की उपस्थिति दर्ज की गई। क्रेता–विक्रेता बैठकों के साथ-साथ सरकार से व्यापार से जुड़े विमर्श भी आयोजित हुए। मेघालय के जैविक मसाला तंत्र में निवेश और साझेदारी के अवसरों पर एक उच्च स्तरीय परिचर्चा ने नीति संवाद को दिशा दी।
महोत्सव स्थल पर प्रसंस्करण के प्रत्यक्ष प्रदर्शन, स्वाद परीक्षण केंद्र और सुसज्जित प्रदर्शनी स्टॉलों ने आयोजन को जीवंत व्यापारिक मंच का रूप दिया। दिनभर खरीद प्रस्ताव, निर्यात संबंधी पूछताछ और दीर्घकालिक साझेदारी पर चर्चा जारी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मेघालय के मसालों में गंभीर व्यावसायिक रुचि उभर रही है।
मुंबई जैसे देश की वाणिज्यिक राजधानी में इस महोत्सव का आयोजन राज्य सरकार की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके माध्यम से मेघालय के प्रीमियम जैविक मसालों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार विस्तार का सीधा लाभ किसानों की आय वृद्धि में परिवर्तित हो।
राज्य के मुख्य सचिव डॉ. शाकिल पी. अहमद ने मेघालय की कृषि प्रणाली की प्रामाणिकता और गुणवत्ता पर बल देते हुए उद्योग जगत से सीधे किसानों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेघालय के किसान प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना से खेती करते हैं, जो राज्य की स्वच्छ नदियों, गांवों और पर्यावरणीय संतुलन में परिलक्षित होती है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. विजय कुमार डी. ने बताया कि मेघालय की हल्दी अब देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, मध्य-पूर्व और यूरोप के बाजारों तक पहुंच रही है, जबकि इस वर्ष अदरक का निर्यात सिंगापुर को किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य ऐसे खरीदारों की तलाश में है जो सतत कृषि में विश्वास रखते हों और किसानों को उचित मूल्य प्रदान करें।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य की सबसे बड़ी मसाला प्रसंस्करण इकाई आने वाले महीनों में प्रारंभ की जाएगी, जिससे मूल्य संवर्धन और निर्यात क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की सचिव श्रीमती एन. भवानी श्री ने कहा कि यह महोत्सव पूर्वोत्तर क्षेत्र की कृषि क्षमता को संगठित किसान समूहों, मानकीकृत ब्रांडिंग और बेहतर फसलोत्तर प्रबंधन के माध्यम से आगे बढ़ाने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की स्थापना के बाद आयोजित क्रेता–विक्रेता बैठक के परिणामस्वरूप कई निर्यातकों ने मेघालय की लाकाडोंग हल्दी की खरीद प्रारंभ की है, जिनमें उच्च मूल्य के करक्यूमिन अर्क और हल्दी तेल से जुड़े उद्यम भी शामिल हैं।
भौगोलिक संकेतक से संरक्षित लाकाडोंग हल्दी, जिसमें 7 से 12 प्रतिशत तक करक्यूमिन पाया जाता है, मेघालय की मसाला अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। लाकाडोंग मिशन के अंतर्गत 2,190 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती का विस्तार किया गया है। 20 से अधिक प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से 13,000 से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
अदरक और काली मिर्च के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच 420 मीट्रिक टन से अधिक मसालों का व्यापार घरेलू और निर्यात बाजारों में किया गया है।
पिछले छह वर्षों में मेघालय की सकल राज्य घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान दोगुने से अधिक बढ़कर वर्ष 2018–19 के 5,977.91 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024–25 में 12,332.26 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि उच्च मूल्य वाली फसलों और बाजार से जुड़े मूल्य श्रृंखला मॉडल के कारण संभव हुई है।
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व में मेघालय तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल हो रहा है। वर्ष 2032 तक 16 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ मसाले, पर्यटन और सृजनात्मक क्षेत्र को समावेशी विकास के प्रमुख स्तंभों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यह मसाला महोत्सव 1 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से रात 10 बजे तक जारी रहेगा, जहां उद्योग प्रतिनिधि, व्यापारी और उपभोक्ता मेघालय के जैविक मसालों की गुणवत्ता और वैश्विक संभावनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।
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