कृषि विज्ञान केन्द्र छोटे किसानों पर ध्यान दें

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11वें राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र सम्मेलन – 2020 का उद्घाटन

(नई दिल्ली ब्यूरो)

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया है कि वे सीमांत किसानों तक भी पहुंचें। 11वें राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सम्मेलन-2020 का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों को न केवल संपन्न, साधन संपन्न और प्रगतिशील किसानों की सेवा करनी चाहिए बल्कि छोटे और वंचित किसानों पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। केवीके के पास प्रयोगशालाओं का लाभ खेतों तक ले जाने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में पर्याप्त अनुसंधान और विकास किए गए हैं। बेहतर फसल प्रजातियां जारी की गई हैं, किसानों के लिए 171 मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं और तीन लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खोले गए हैं, लेकिन अब गरीब से गरीब किसानों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
प्रयोगशालाओं और खेतों के बीच एक कड़ी के रूप में कृषि विज्ञान केन्द्रों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने कहा कि 1974 में पुंडुचेरी में पहले केवीके के निर्माण के बाद अब पूरे देश में 717 केवीके काम कर रहे हैं।
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्रों में किसानों के डेटाबेस को अपडेट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवीके को किसानों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए एकल खिड़की सेवा प्रदान करनी चाहिए।
इस अवसर पर श्री तोमर और अन्य गणमान्य लोगों ने केवीके द्वारा विकसित विभिन्न उत्पादों और उसकी कई संदर्भ पुस्तिकाएं जारी कीं।

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