राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आय बढ़ी, फसल विविधीकरण को मिला बढ़ावा; बिना गारंटी ऋण सीमा हुई 2 लाख रुपये

05 अगस्त 2026, नई दिल्ली: किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आय बढ़ी, फसल विविधीकरण को मिला बढ़ावा; बिना गारंटी ऋण सीमा हुई 2 लाख रुपये – किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना ने किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में निवेश को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। बेंगलुरु स्थित सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन संस्थान (आईएसईसी) द्वारा किए गए तृतीय-पक्ष मूल्यांकन में सामने आया है कि योजना के तहत निवेश किया गया प्रत्येक 1 रुपये कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 2.30 रुपये के शुद्ध मूल्यवर्धन का योगदान देता है। सरकार ने किसानों को राहत देते हुए बिना गारंटी के केसीसी ऋण की सीमा भी बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना ने किसानों पर ब्याज का बोझ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। योजना की शुरुआत से लेकर वर्ष 2024-25 तक किसानों को अनुमानित 1.87 लाख करोड़ रुपये की ब्याज सब्सिडी का लाभ मिला है।

फसल विविधीकरण और बहु-मौसमी खेती को मिला बढ़ावा

रिपोर्ट के अनुसार, किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों ने बड़े रकबे में खेती शुरू की है और फसल सघनता में भी वृद्धि हुई है। सस्ती दरों पर ऋण और बेहतर सिंचाई सुविधाओं की मदद से किसान अब विभिन्न मौसमों में अधिक विविध फसलें उगा रहे हैं। इससे कृषि उत्पादन और आय दोनों में सुधार दर्ज किया गया है।

समय पर मिला ऋण, बढ़ा बैंकिंग पर भरोसा

योजना के तहत किसानों को समय पर कार्यशील पूंजी मिलने से बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों का उपयोग समय पर हो सका। वहीं, शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) का लाभ लेने वाले किसानों में बेहतर ऋण अनुशासन देखने को मिला, जिससे बैंकों का किसानों पर भरोसा भी बढ़ा है।

पशुपालन और मत्स्य पालन को भी मिला लाभ

मूल्यांकन रिपोर्ट में कहा गया है कि योजना ने दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय के स्रोतों में विविधता लाई है। इसके अलावा अंतर्देशीय मत्स्य पालन के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने में भी योजना प्रभावी रही है, जिससे विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में कृषि विविधीकरण को बल मिला है।

बिना गारंटी के 2 लाख रुपये तक मिलेगा ऋण

सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना का दायरा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत बिना गारंटी ऋण की सीमा 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जो 1 जनवरी 2025 से प्रभावी है। इसके अलावा किसान ऋण पोर्टल, जन समर्थ पोर्टल, ई-किसान क्रेडिट कार्ड और ‘कृषिका’ जैसी डिजिटल पहल शुरू की गई हैं, ताकि कृषि ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सके।

जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे

किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), नाबार्ड, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) और बैंक समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, सूचना-शिक्षा-संचार (आईईसी) अभियान और किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्ति अभियान चला रहे हैं।

वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture