राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

80 प्रतिशत क्षेत्र में पूरी हुई खरीफ फसल की बुआई, धान और सोयाबीन के क्षेत्र में हुई वृध्दि 

29 जुलाई 2023, नई दिल्ली: 80 प्रतिशत क्षेत्र में पूरी हुई खरीफ फसल की बुआई, धान और सोयाबीन के क्षेत्र में हुई वृध्दि – कृषि मंत्रालय ने 28 जून 2023 तक खरीफ फसलों के बुआई क्षेत्रों के ताजा आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार अनुमानित कवरेज क्षेत्र 1091.73 लाख हेक्टेयर हैं, लेकिन अभी तक कुल 830.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें बोई गई हैं। वही पिछले वर्ष 2022 में कुल 831.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई थी। अगर पिछले वर्ष 2022 और वर्ष 2023 के रकबे को देखा जाये तो इसी अवधि की तुलना में बुवाई क्षेत्र में सीमान्त कमी आई है। इसके साथ ही धान और मोटे अनाजों की बुवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है । वही तिलहन की सोयाबीन फसल के रकबे में पिछले वर्ष की तुलना में 4 प्रतिशत की वृध्दि हुई हैं।

धानः- पिछले वर्ष की इसी अवधि (233.25 लाख हेक्टेयर) की तुलना में लगभग 237.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चावल का कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 4.33 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है। उत्तर प्रदेश (3.77 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (2.08 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (1.83 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (1.08 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (0.85 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.60 लाख हेक्टेयर) राज्यों में  अधिक बुवाई  कि रिपोर्ट मिली हैं। महाराष्ट्र (0.44 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.39 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (0.34 लाख हेक्टेयर), असम (0.22 लाख हेक्टेयर), मिजोरम (0.04 लाख हेक्टेयर), गोवा (0.04 लाख हेक्टेयर), मेघालय (0.04 लाख हेक्टेयर), त्रिपुरा (0.13 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.10 लाख हेक्टेयर), मणिपुर (0.04 लाख हेक्टेयर), केरल (0.03 लाख हेक्टेयर) और सिक्किम (0.03 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिलती हैं।

Advertisement
Advertisement

दलहनः- पिछले वर्ष की इसी अवधि (109.15 लाख हेक्टेयर) की तुलना में दलहन के अंतर्गत लगभग 96.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 12.32 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र कवर किया गया है। राजस्थान (2.37 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (0.17 लाख हेक्टेयर), जम्मू-कश्मीर (0.05 लाख हेक्टेयर) और तमिलनाडु (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक क्षेत्रफल की सूचना मिली है। कर्नाटक (6.74 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (3.23 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (2.23 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.94 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.37 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.36 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.02 लाख हेक्टेयर) और पंजाब (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

मोटे अनाज: पिछले वर्ष की इसी अवधि (143.48 लाख हेक्टेयर) की तुलना में मोटे अनाज के तहत लगभग 145.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 2.28 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है। राजस्थान (3.72 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (2.36 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (1.70 लाख हेक्टेयर), बिहार (1.01 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.48 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.38 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक क्षेत्रफल की सूचना मिली है। कर्नाटक (3.69 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (3.02 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.47 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.16 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.08 लाख हेक्टेयर), जम्मू-कश्मीर (0.05 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.02 लाख हेक्टेयर) और तमिलनाडु (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

Advertisement8
Advertisement

तिलहन: पिछले वर्ष की इसी अवधि (167.61 लाख हेक्टेयर) की तुलना में तिलहन के अंतर्गत लगभग 171.02 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 3.42 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है। मध्य प्रदेश (4.15 लाख हेक्टेयर), गुजरात (1.16 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (1.10 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (0.85 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (0.32 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.28 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक क्षेत्रफल की सूचना मिली है। जम्मू-कश्मीर (0.01 लाख हेक्टेयर), असम (0.01 लाख हेक्टेयर) और मिजोरम (0.01 लाख हेक्टेयर)। कर्नाटक (2.25 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (1.60 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.26 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.13 लाख हेक्टेयर), त्रिपुरा (0.03 लाख हेक्टेयर) और अरुणाचल प्रदेश (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

Advertisement8
Advertisement

गन्ना: पिछले वर्ष की इसी अवधि (53.34 लाख हेक्टेयर) की तुलना में लगभग 56.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने का कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 2.66 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र कवर किया गया है। उत्तर प्रदेश (3.91 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (0.98 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.29 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.16 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.08 लाख हेक्टेयर) और ओडिशा (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक क्षेत्रफल की सूचना मिली है। महाराष्ट्र (1.60 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.40 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.12 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.11 लाख हेक्टेयर), असम (0.07 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (0.01 लाख हेक्टेयर) और छत्तीसगढ़ (0.01 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

कपास: पिछले वर्ष की इसी अवधि (117.91 लाख हेक्टेयर) की तुलना में कपास के अंतर्गत लगभग 116.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवरेज दर्ज किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 1.16 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र कवर किया गया है। गुजरात (1.75 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (1.38 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.44 लाख हेक्टेयर) और हरियाणा (0.20 लाख हेक्टेयर) राज्यों से अधिक क्षेत्रफल की सूचना मिली है। कर्नाटक (2.33 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (1.21 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.84 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (0.33 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.07 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.04 लाख हेक्टेयर) राज्यों से कम क्षेत्रफल की सूचना मिली है।

खरीफ फसल के रकबे में हुई वृध्दि की सूची-
S.No.CropArea Sown 2023Area Sown 2022Increase(+)/ Decrease(-) over 2022
1Rice237.58233.254.33
2Pulses96.84109.15-12.32
aArhar31.5137.50-5.99
bUrdbean25.8330.06-4.23
cMoongbean27.6429.78-2.14
dKulthi0.210.160.05
eOther pulses11.6511.66-0.01
3Shri Anna cum Coarse cereals145.76143.482.28
aJowar10.5810.560.02
bBajra60.6058.082.52
cRagi2.483.08-0.59
dSmall millets2.742.83-0.09
eMaize69.3668.940.43
4Oilseeds171.02167.613.42
aGroundnut37.5838.59-1.01
bSoybean119.91115.634.28
cSunflower0.521.64-1.12
dSesamum10.0710.040.04
eNiger0.090.20-0.10
fCastor2.771.391.39
gOther Oilseeds0.080.13-0.05
5Sugarcane56.0053.342.66
6Jute & Mesta6.376.92-0.56
7Cotton116.75117.91-1.16
Total830.31831.65-1.34
80 प्रतिशत क्षेत्र में पूरी हुई खरीफ फसल की बुआई, धान और सोयाबीन के क्षेत्र में हुई वृध्दि 
Advertisements
Advertisement3
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Advertisements
Advertisement5
Advertisement