उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस को भारत ने दी प्राथमिकता; वर्तमान उर्वरक भंडार पिछले वर्ष से 36.6% अधिक
11 मार्च 2026, नई दिल्ली: उर्वरक उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस को भारत ने दी प्राथमिकता; वर्तमान उर्वरक भंडार पिछले वर्ष से 36.6% अधिक – केंद्र सरकार ने उर्वरक उत्पादन को सुचारु बनाए रखने के लिए Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 जारी करते हुए उर्वरक क्षेत्र को प्राकृतिक गैस आपूर्ति की प्राथमिकता सूची में शामिल किया है। इस आदेश के तहत उर्वरक संयंत्रों को ‘प्राथमिकता क्षेत्र–2’ में रखा गया है, जिससे उन्हें गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
नए प्रावधान के अनुसार उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर कम से कम 70 प्रतिशत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम वैश्विक गैस आपूर्ति में संभावित व्यवधान, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एलएनजी आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए उठाया गया है।
सरकार के अनुसार इस व्यवस्था से उर्वरक उत्पादन प्रभावित नहीं होगा और किसानों को आगामी खरीफ सीजन में समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे।
उर्वरक विभाग में उच्च स्तरीय बैठक
इस विषय पर मंगलवार को उर्वरक विभाग में एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में सभी प्रमुख उर्वरक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी तैयारियों तथा संभावित चुनौतियों की जानकारी विभाग को दी।
बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। कंपनियों को निर्देश दिया गया कि उर्वरक संयंत्रों का संचालन निरंतर जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
खरीफ से पहले उर्वरकों का भंडार बढ़ा
उर्वरक विभाग ने बताया कि देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। 10 मार्च 2026 तक देश में कुल उर्वरक भंडार 180.12 लाख मीट्रिक टन (LMT) पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 131.79 लाख मीट्रिक टन था। इस प्रकार भंडार में 36.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
10 मार्च की स्थिति में उर्वरक भंडार (लाख मीट्रिक टन में)
| उर्वरक | 2026 | 2025 |
|---|---|---|
| यूरिया | 61.51 | 50.90 |
| डीएपी | 25.17 | 11.55 |
| एनपीके | 56.30 | 32.29 |
| एमओपी | 12.90 | 14.41 |
| एसएसपी | 24.24 | 22.64 |
| कुल | 180.12 | 131.79 |
विभाग के अनुसार उर्वरक भंडार में यह वृद्धि मुख्य रूप से डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख पोषक तत्वों के अधिक उपलब्ध होने से हुई है।
यूरिया उपलब्धता और आयात
देश में सबसे अधिक उपयोग होने वाले उर्वरक यूरिया का भंडार वर्तमान में 61.51 लाख मीट्रिक टन है। आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार आयात भी कर रही है।
फरवरी 2026 तक भारत ने 98 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात किया है और अगले तीन महीनों में 17 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त आयात की योजना है।
सरकार का कहना है कि घरेलू उत्पादन, आयात और अग्रिम भंडारण की रणनीति के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वैश्विक आपूर्ति शृंखला में किसी भी व्यवधान का असर किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पर न पड़े और खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारु रूप से जारी रह सकें।
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