राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एचसीएल फाउंडेशन ने एचसीएल ग्रांट पाने वाले विजेताओं की घोषणा की

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28 फरवरी 2023, नई दिल्ली: एचसीएल फाउंडेशन ने एचसीएल ग्रांट पाने वाले विजेताओं की घोषणा की – एचसीएल फाउंडेशन ने एचसीएल ग्रांट के 2023 संस्करण के लिए चुने गए एनजीओ के नामों की घोषणा की है। जिन तीन एनजीओ का चयन किया गया है, उनमें प्लैनेटअर्थ, इनोवेटर्स इन हेल्थ (आईआईएच) इंडिया तथा मेघशाला ट्रस्ट शामिल हैं। इन एनजीओ को उनकी परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता दी जाएगी। इनमें से प्रत्येक संगठन को एचसीएल ग्रांट के तहत ₹5
करोड़ (लगभग $620,000) की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। इसके अलावा, फाइनल राउंड में पहुंचने वाले छह एनजीओ में से प्रत्येक को निम्नलिखित श्रेणियों में ₹25 लाख (लगभग $30,000) का अनुदान प्राप्त होगा। ये एनजीओ हैं – पर्यावरण में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पुणे ( आईआईएसईआर ) और नॉर्थ-ईस्ट इनिशिएटिव डेवलपमेंट एजेंसी ( एनईआईडी ए ) शिक्षा में महान और श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट ( एसएसआरडीपीटी ) तथा स्वास्थ्य में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ( टीआई एसएस ) और गुड़िया स्वयं सेवी संस्थान ( जीएसएसएस )।

प्लैनेटअर्थ को पर्यावरण श्रेणी में एचसीएल ग्रांट से सम्मानित किया गया। संगठन को यह सम्मान महासागरों से प्लास्टिक की सफाई के साथ-साथ तालाबों और ठहरे हुए पानी के स्रोतों से जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियों की सफाई करके जल-निकायों के संरक्षण पर अपनी परियोजना के लिए दिया गया। स्वास्थ्य श्रेणी में इनोवेटर्स इन हेल्थ इंडिया को एचसीएल ग्रांट से सम्मानित किया गया। बिहार के ग्रामीण इलाके में बड़े पैमाने पर फैले तपेदिक (ट्यूबरकुलोसिस) की रोकथाम के लिए इस संगठन को यह पुरस्कार दिया गया। मेघशाला को शिक्षा श्रेणी में एचसीएल ग्रांट से सम्मानित किया गया। स्थानीय भाषाओं पर विशेष ध्यान देते हुए टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता निर्माण से जुड़ी परियोजना के लिए संगठन को यह पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर विजेता एनजीओ की ओर से भी विचार साझा किए गए।

एचसीएल ग्रांट ज्यूरी की अध्यक्ष तथा एचसीएल टेक्नोलॉजीज बोर्ड की सदस्य, सुश्री रॉबिन ऐन अब्राम्स ने कहा ये संगठन और उनकी परियोजनाएँ सही मायने में पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र एचसीएल फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के अनुरूप हैं। इन संगठनों के कार्यों से देश के अंतिम छोर; पर बसे इलाकों में भी बदलाव दिखाई देगा, जिसमें समाज के हर तबके के लोग शामिल होंगे। हमें पूरा यकीन है कि, ये सभी संगठन स्वास्थ्य सेवा में असमानता को दूर करके, मीठे पानी के संरक्षण में मदद करके और समाज के कमजोर तबके के लोगों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाकर ग्रामीण समुदायों के लिए जीवन-यापन को बेहतर बनाएंगे।”

डॉ. निधि पुंढीर , वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल सीएसआर, एचसीएल फाउंडेशन ने एक वर्चुअल समारोह में विजेताओं को उनके पुरस्कारों से सम्मानित किया, जिसमें गैर-सरकारी संगठनों, एचसीएल, एचसीएलटेक और मीडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डॉ. पुंढीर ने कहा, हमें खुशी है कि इस साल की चयन प्रक्रिया के लिए हमें बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। एचसीएल ग्रांट ने इन गैर सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी की है, ताकि उनके कामकाज के संचालन को बेहतर बनाया जा सके और सतत ग्रामीण विकास के लिए उनके नवीन विचारों को बढ़ाने में उनकी मदद की जा सके। हम इस साल के चुने हुए एनजीओ भागीदारों के साथ काम करने को लेकर बेहद उत्सुक हैं, ताकि ग्रामीण समुदायों की प्रगति के लिए उनकी ओर से बिल्कुल नई सोच के साथ शुरू की गई गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।”

बता दें कि ग्रामीण भारत में स्थायी बदलाव लाने के लिए कुछ नया कर दिखाने वाली मुहिम में सहायता के लिए समर्पित एचसीएल फाउंडेशन का यह एक प्रमुख कार्यक्रम है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों को एचसीएल फाउंडेशन संचालित करता है। गत वर्ष की तुलना में 80% की वृद्धि के साथ इस साल फाउंडेशन को 15,000 से ज्यादा संस्थाओं की ओर से अनुरोध प्राप्त हुए,जिनमें से विजेताओं का चयन किया गया।आठ साल पहले एचसीएल ग्रांट कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से, एचसीएल फाउंडेशन ने विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों को ₹130 करोड़ (लगभग $16 मिलियन) से अधिक का आर्थिक अनुदान दिया है, और इस प्रकार यहफाउंडेशन भारत के 19 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के दूर-दराज के जिलों के 25,000 से अधिक गांवों में 1.8 मिलियन से अधिक लाभार्थियों के जीवन में बदलाव ला रहा है।जूरी के सम्मानित सदस्यों में सुश्री रॉबिन ऐन अब्राम्स, ज्यूरी की अध्यक्ष तथा एचसीएल टेक्नोलॉजीज बोर्ड की सदस्य; श्री सुरेश नारायणन, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, नेस्ले इंडिया लिमिटेड; श्री बी.एस. बसवान, पूर्व-निदेशक, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, और पूर्व सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय; श्रीमती पल्लवी श्रॉफ, मैनेजिंग पार्टनर, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी; डॉ. रिचर्ड लैरिविएरे, संस्कृत विद्वान और प्रेसिडेंट एमेरिटस, फील्ड म्यूजियम (शिकागो), और श्री शिव नादर, संस्थापक, एचसीएल समूह, चेयरमैन एमेरिटस, एचसीएलटेक, शामिल थे।

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