राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत–न्यूज़ीलैंड की पहली संयुक्त कार्यसमूह बैठक: कीवी की खेती को बढ़ावा देने हेतु कीवी फल एक्शन प्लान पर जोर

20 फरवरी 2026, नई दिल्ली: भारत–न्यूज़ीलैंड की पहली संयुक्त कार्यसमूह बैठक: कीवी की खेती को बढ़ावा देने हेतु कीवी फल एक्शन प्लान पर जोर – भारत और न्यूज़ीलैंड ने बागवानी सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त कार्यसमूह (Joint Working Group – JWG) की पहली बैठक आयोजित की। यह बैठक 12 मार्च 2025 को दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoC) के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) के संयुक्त सचिव (बागवानी) श्री प्रिया रंजन ने प्रत्यक्ष रूप से की, जबकि न्यूज़ीलैंड की ओर से डिविजनल मैनेजर (बाइलैटरल रिलेशंस एंड ट्रेड) श्री स्टीव एन्सवर्थ वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य फोकस बागवानी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, विशेष रूप से कीवी फल तथा पिप फ्रूट्स (सेब और नाशपाती) के विकास पर रहा।

श्री प्रिया रंजन ने बताया कि भारत के लिए कीवी फल को एक प्राथमिकता वाली फसल के रूप में चिन्हित किया गया है। कीवी फल एक्शन प्लान के अंतर्गत उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) की स्थापना, बाग प्रबंधन में सुधार और उत्पादकता वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण रूटस्टॉक एवं पौध सामग्री की उपलब्धता, तथा कटाई के बाद प्रबंधन और आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य किया जाएगा। बैठक में न्यूज़ीलैंड से कीवी रूटस्टॉक के आयात की प्रक्रियाओं और भारतीय किसानों व उद्यमियों के लिए न्यूज़ीलैंड में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

श्री स्टीव एन्सवर्थ ने भारत में कीवी, सेब और नाशपाती उत्पादन की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों की समीक्षा की। उन्होंने सहयोगात्मक अनुसंधान, क्षमता निर्माण, उत्पादक प्रशिक्षण, आपूर्ति शृंखला सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता मानकों में सुधार तथा बेहतर बाज़ार स्थिति निर्माण के माध्यम से किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक के अंत में दोनों एक्शन प्लान के लिए समय-सीमा और कार्यान्वयन रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया। समापन के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने बागवानी क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यसमूह ने अगले चरणों की पहचान की तथा प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए आगामी बैठकों का कार्यक्रम प्रस्तावित किया, ताकि भारत–न्यूज़ीलैंड बागवानी साझेदारी को निरंतर गति मिलती रहे।

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