राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसान संगठनों ने कृषि मंत्री के सामने कीटनाशक और बीज की उपलब्धता पर जताई चिंता

02 अक्टूबर 2024, नई दिल्ली: किसान संगठनों ने कृषि मंत्री के सामने कीटनाशक और बीज की उपलब्धता पर जताई चिंता – केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक सार्थक चर्चा की। मंत्री ने इन संगठनों को साप्ताहिक बैठक करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और चिंताओं पर बातचीत की जा सके।

बैठक के दौरान, किसान संगठनों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें कृषि लागत को कम करना, फसलों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना, जलभराव से फसलों की सुरक्षा, और कीटनाशक एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता में सुधार शामिल थे। उन्होंने जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के उपायों की भी मांग की।

चौहान ने बताया कि किसान कीटनाशकों और उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मृदा स्वास्थ्य के बिगड़ने को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने सरकारी योजनाओं की जानकारी को और बेहतर तरीके से किसानों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि सभी किसान इसका लाभ उठा सकें। कई किसानों ने जानकारी के अभाव के कारण उपलब्ध सहायता का लाभ न उठा पाने की बात भी रखी।

हालांकि किसानों ने फसल बीमा योजना की सराहना की, लेकिन उन्होंने बताया कि सभी किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड प्रणाली में सुधार के प्रस्ताव भी रखे गए। किसानों ने समय पर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की ताकि सिंचाई प्रभावित न हो और फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के फसलों और भूमिगत जल पर पड़ने वाले असर पर भी चिंता जताई।

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केंद्रीय मंत्री ने माना कि इन मुद्दों में से कुछ मामूली लग सकते हैं, लेकिन इन्हें हल करने से किसानों की आय में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार मिलावटी बीजों के वितरण को रोकने के लिए कड़े नियमों पर विचार करेगी और राज्य सरकारों तक इन सुझावों को पहुंचाएगी।

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चौहान ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मैन्युअल सर्वेक्षणों के जरिए रिकॉर्ड बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और राज्य सरकारों के साथ मिलकर किसानों द्वारा प्रस्तावित व्यावहारिक समाधान लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।

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