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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

डीजल महंगा, खेती और महंगी! किसान सभा ने मांगा ₹35 लीटर टैक्स-फ्री कृषि डीजल

19 मई 2026, नई दिल्ली: डीजल महंगा, खेती और महंगी! किसान सभा ने मांगा ₹35 लीटर टैक्स-फ्री कृषि डीजल – अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया वृद्धि का विरोध करते हुए सरकार से तुरंत मूल्य वृद्धि वापस लेने तथा कृषि कार्यों के लिए ₹35 प्रति लीटर की दर से टैक्स-फ्री डीजल उपलब्ध कराने की मांग की है। 

नई दिल्ली में 16 मई को जारी बयान में संगठन ने कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतों से खेती की लागत में भारी वृद्धि होगी, क्योंकि किसान ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, सिंचाई पंप और अन्य कृषि मशीनों के लिए डीजल पर निर्भर हैं। 

अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजन क्षीरसागर ने कहा, “यह मूल्य वृद्धि देश की कृषि अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है। सरकार महंगाई पर चिंता जताती है, लेकिन 140 करोड़ लोगों के लिए खाद्यान्न उत्पादन करने वाले किसानों पर लगातार बोझ डाल रही है।” 

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अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव रावुला वेंकैया ने कहा, “हम मांग करते हैं कि डीजल-पेट्रोल की मूल्य वृद्धि तुरंत वापस ली जाए और कृषि उपयोग के डीजल को पूरी तरह टैक्स-फ्री बनाते हुए इसकी कीमत अधिकतम ₹35 प्रति लीटर तय की जाए।” 

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AIKS के अनुसार हालिया वृद्धि के बाद दिल्ली में डीजल की कीमत ₹90.67 प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत ₹97.77 प्रति लीटर से अधिक हो गई है। संगठन का दावा है कि डीजल की खुदरा कीमत में लगभग 50 से 55 प्रतिशत हिस्सा विभिन्न करों और उपकरों का है। 

संगठन ने कहा कि रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस तथा स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी जैसे कर किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं, जबकि ट्रैक्टरों को एक्सप्रेसवे पर चलाने की अनुमति नहीं होती। महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में डीजल पर लगने वाले वैट का भी उल्लेख किया गया। 

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव रावुला वेंकैया ने सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा प्रबंधन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “सरकार भारत के ऊर्जा हितों की रक्षा करने में विफल रही है। उसकी अस्थिर विदेश नीति ने देश को वैश्विक मूल्य झटकों के प्रति संवेदनशील बना दिया है।” 

संगठन ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) और कृषि डीजल पर अलग-अलग टैक्स व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजन क्षीरसागर ने कहा, “जब विमान ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं तो सरकार तुरंत राहत देने लगती है, लेकिन किसानों पर डीजल का बोझ बढ़ने पर पूरी तरह चुप रहती है।” 

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण देव सिंह ने कहा, “सरकार पेट्रोलियम क्षेत्र से भारी राजस्व प्राप्त करती है और उसका एक छोटा हिस्सा भी कृषि के लिए टैक्स-फ्री डीजल उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त है।” 

AIKS ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सात दिनों के भीतर मांगें नहीं मानती है तो 25 मई से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और संसद मार्च की तैयारी की घोषणा भी की। 

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