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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बजट 2024-25: उच्च उत्पादकता और जलवायु-रोधी फसलें पर जोर, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

23 जुलाई 2024, नई दिल्ली: बजट 2024-25: उच्च उत्पादकता और जलवायु-रोधी फसलें पर जोर, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा – केंद्रीय बजट 2024-25 में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और जलवायु सहनशीलता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश करते हुए कृषि अनुसंधान, प्राकृतिक खेती और राष्ट्रीय सहकारिता नीति पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

कृषि अनुसंधान में सुधार: उच्च उत्पादकता और जलवायु-रोधी किस्में

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि अनुसंधान प्रणाली की व्यापक समीक्षा करेगी, जिसमें उच्च उपज देने वाली और जलवायु-अनुकूल किस्मों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए फंडिंग प्रदान की जाएगी, जिसमें निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा। अनुसंधान की निगरानी सरकार और बाहरी विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। बजट में घोषणा की गई कि किसानों के लिए 32 खेत और बागवानी फसलों की 109 उच्च उपज देने वाली और जलवायु-अनुकूल किस्में जारी की जाएंगी।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: एक करोड़ किसान होंगे लाभान्वित

अगले दो वर्षों में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसे सर्टिफिकेशन और ब्रांडिंग के जरिए बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना को वैज्ञानिक संस्थानों और इच्छुक ग्राम पंचायतों के जरिए लागू किया जाएगा। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से 10,000 बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर बनाए जाएंगे।

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वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सहकारी क्षेत्र के व्यवस्थित और समग्र विकास के लिए एक राष्ट्रीय सहकारिता नीति लेकर आएगी। इस नीति का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करना होगा।

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