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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसानों की फसल पर AI की नजर, ड्रोन-सैटेलाइट से होगी निगरानी; समय पर मिलेगी जरूरी सलाह    

13 अगस्त 2026, नई दिल्ली: किसानों की फसल पर AI की नजर, ड्रोन-सैटेलाइट से होगी निगरानी; समय पर मिलेगी जरूरी सलाह – खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार अब AI, ड्रोन, सैटेलाइट, रिमोट सेंसिंग, GIS और IoT जैसी तकनीकों का सहारा ले रही है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने संसद में जानकारी दी कि इन तकनीकों के जरिए फसलों की निगरानी से लेकर उत्पादन का आकलन, कीट एवं रोगों की पहचान, सिंचाई की योजना और फसल बीमा दावों के सत्यापन तक कई काम किए जा रहे हैं। साथ ही, किसानों को फसल से जुड़ी समय पर और स्थान-विशिष्ट सलाह उपलब्ध कराने के लिए भी इन डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

20 राज्यों में 11 प्रमुख फसलों की निगरानी

राज्य मंत्री के अनुसार रिमोट सेंसिंग और GIS तकनीक के जरिए 20 राज्यों में 11 प्रमुख फसलों की कटाई से पहले उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। इसमें धान, गेहूं, जूट, कपास, गन्ना, सोयाबीन, तुअर, चना, सरसों, मसूर और रबी ज्वार शामिल हैं।

AI से 73 फसलों के 436 कीटों की निगरानी

राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) में AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्रणाली फिलहाल 73 फसलों के 436 कीटों को कवर करती है। इसके जरिए अब तक 35,565 एडवाइजरी जारी की जा चुकी हैं। किसान फसल में दिखने वाले कीट की तस्वीर लेकर भी इसकी पहचान और नियंत्रण संबंधी सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

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किसानों के लिए ड्रोन को दिया जा रहा बढ़ावा

कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन के तहत किसान ड्रोन की खरीद और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। अब तक 2,122 ड्रोन वितरित या अनुमोदित किए जा चुके हैं। वहीं ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि कार्यों के लिए 1,094 ड्रोन दिए जा चुके हैं।

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फसल बीमा दावों में भी सैटेलाइट तकनीक

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत YES-TECH पहल में सैटेलाइट आधारित फसल उपज मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह व्यवस्था फिलहाल 12 राज्यों में धान, गेहूं और सोयाबीन के लिए लागू है। इसका इस्तेमाल ग्राम पंचायत स्तर पर उपज आकलन और फसल बीमा दावों के निपटारे में किया जा रहा है।

5.9 लाख से ज्यादा किसानों तक पहुंची AI आधारित सेवा

सरकार के अनुसार भारत विस्तार AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को रियल टाइम और स्थान-विशिष्ट कृषि सलाह दी जा रही है। अब तक 5.9 लाख से अधिक किसान इससे जुड़ चुके हैं और किसानों के 93 लाख से ज्यादा सवालों का समाधान किया गया है। वहीं किसान सारथी प्लेटफॉर्म पर देशभर में 2.97 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत हैं।

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